क्या अहमदाबाद में 'सिंदूर वन' बन रहा है? पीएम मोदी ने कहा 'वीरों को समर्पित'

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क्या अहमदाबाद में 'सिंदूर वन' बन रहा है? पीएम मोदी ने कहा 'वीरों को समर्पित'

सारांश

पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में अहमदाबाद के 'सिंदूर वन' के निर्माण की जानकारी दी। यह वन वीरों को समर्पित है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस पहल के बारे में और कैसे लोग अपने योगदान से धरती की रक्षा कर रहे हैं।

मुख्य बातें

सिंदूर वन का निर्माण वीरों की याद में हो रहा है।
पीएम मोदी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लोगों की सराहना की।
'मिशन मिलियन ट्रीज' अभियान का लक्ष्य लाखों पौधे लगाना है।
गांवों में कार्बन न्यूट्रल पहलें बेहद प्रभावी हैं।
हम सभी को पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।

नई दिल्ली, 29 जून (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के 123वें एपिसोड में पर्यावरण संरक्षण के कार्य में जुटे लोगों की सराहना की। उन्होंने उन व्यक्तियों और समुदायों के प्रयासों को उजागर किया जो पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने और सतत विकास में योगदान दे रहे हैं। इस एपिसोड में पीएम मोदी ने अहमदाबाद में बन रहे 'सिंदूर वन' के बारे में भी जानकारी दी।

पीएम मोदी ने कहा कि इस महीने हम सबने 'विश्व पर्यावरण दिवस' मनाया। मुझे आपके हजारों संदेश मिले हैं, जहां कई लोग अपने आस-पास के उन साथियों के बारे में बता रहे थे जो अकेले ही पर्यावरण बचाने के लिए आगे आए और फिर उनके साथ पूरा समाज जुड़ गया। इस प्रकार का योगदान हमारी धरती के लिए एक बड़ी ताकत बन रहा है। पीएम मोदी ने पुणे के रमेश खरमाले के प्रयासों की भी सराहना की।

पीएम ने कहा कि उनके कार्यों को जानकर, आपको बहुत प्रेरणा मिलेगी। जब हफ्ते के अंत में लोग आराम करते हैं, तो रमेश जी और उनका परिवार कुदाल और फावड़ा लेकर जुन्नर की पहाड़ियों की ओर निकल पड़ते हैं। धूप हो या ऊंची चढ़ाई, उनके कदम नहीं रुकते। वो झाड़ियां साफ करते हैं, पानी रोकने के लिए गड्ढा खोदते हैं और बीज बोते हैं। उन्होंने सिर्फ दो महीनों में 70 गड्ढे बना डाले हैं। रमेश ने कई छोटे तालाब बनाए हैं, सैकड़ों पेड़ लगाए हैं। वे एक ऑक्सीजन पार्क भी बना रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि यहां अब पक्षी लौटने लगे हैं, वन्य जीवन को नई सांस मिल रही है।

पीएम मोदी ने आगे अहमदाबाद के मिशन मिलियन ट्रीज के बारे में बताया, जिसका लक्ष्य लाखों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि एक और सुंदर पहल देखने को मिली है, गुजरात के अहमदाबाद शहर में, जहां नगर निगम ने 'मिशन मिलियन ट्रीज' अभियान शुरू किया है। लक्ष्य है लाखों पेड़ लगाना। इस अभियान की एक खास बात है 'सिंदूर वन', जो ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को समर्पित है। सिंदूर के पौधे उन बहादुरों की याद में लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए सब कुछ समर्पित कर दिया। एक और अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' भी चल रहा है, जिसके तहत देश में करोड़ों पेड़ लगाए जा चुके हैं। पीएम ने अपील की कि आप भी अपने गांव या शहर में ऐसे अभियानों में हिस्सा लें। पेड़ लगाएं, पानी बचाएं और धरती की सेवा करें, क्योंकि जब हम प्रकृति को बचाते हैं, तो असल में हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करते हैं।

पीएम मोदी ने आगे महाराष्ट्र के एक गांव की भी मिसाल पेश की, जिसे छत्रपति संभाजी नगर जिले की ग्राम पंचायत 'पाटोदा' कहा जाता है। यह कार्बन न्यूट्रल गांव है जहां कोई अपने घर के बाहर कचरा नहीं फेंकता। यहां गंदे पानी का ट्रीटमेंट होता है और बिना साफ किए कोई पानी नदी में नहीं जाता। उपलों से अंतिम संस्कार होता है और उस राख से दिवंगत के नाम पर पौधा लगाया जाता है। इस गांव की साफ-सफाई देखने लायक है। छोटी-छोटी आदतें जब सामूहिक संकल्प बन जाती हैं, तो बड़ा बदलाव संभव हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंदूर वन का उद्देश्य क्या है?
सिंदूर वन का उद्देश्य वीरों की याद में पौधे लगाना और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है।
पीएम मोदी ने किस कार्यक्रम में इस पहल के बारे में बताया?
पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 123वें एपिसोड में इस पहल के बारे में बताया।
क्या हम भी इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं?
जी हां, आप भी अपने गांव या शहर में चल रहे ऐसे अभियानों में भाग ले सकते हैं।
महाराष्ट्र का कौन सा गांव कार्बन न्यूट्रल है?
छत्रपति संभाजी नगर जिले की ग्राम पंचायत 'पाटोदा' कार्बन न्यूट्रल गांव है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
पेड़ लगाना, पानी बचाना और कचरे का प्रबंधन करना पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं।
राष्ट्र प्रेस
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