ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से बनेंगे स्वच्छ शहर: UP मंत्री एके शर्मा का ग्रेटर नोएडा सेमिनार में आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 26 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन महज सफाई का मुद्दा नहीं, बल्कि यह पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और भावी पीढ़ियों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने जोर दिया कि वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से कचरे का प्रबंधन करके शहरों को न केवल प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है, बल्कि उस कचरे को रोज़गार और नई आर्थिक संभावनाओं में भी तब्दील किया जा सकता है।
सेमिनार का आयोजन और संदर्भ
यह वक्तव्य उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान नगर विकास विभाग द्वारा आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषयक सेमिनार में दिया गया। कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा, विशेष अतिथि वी.के. चौरसिया, देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र के विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे मंच उत्तर प्रदेश को निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
कचरे में छुपी आर्थिक संभावनाएँ
मंत्री शर्मा ने कहा कि शहरों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है और यदि इसका सही तरीके से संग्रह, पृथक्करण, प्रोसेसिंग और निस्तारण किया जाए तो यही कचरा बड़ी आर्थिक संभावनाओं में बदल सकता है। उन्होंने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल, रिसाइक्लिंग और री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से नए उद्योग स्थापित होंगे और रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
स्वच्छ भारत अभियान और तकनीकी उन्नयन
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया है। अब इस अभियान को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी के ज़रिए और अधिक वैज्ञानिक एवं स्थायी बनाने की ज़रूरत है। उन्होंने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का उदाहरण देते हुए बताया कि नगरीय कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करने पर उससे ऊर्जा और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
वायु प्रदूषण नियंत्रण में भूमिका
एके शर्मा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता के बीच के सीधे संबंध पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि कचरे का उचित निस्तारण होने से खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों में कमी आएगी, जिससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है, जो अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ
मंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहरों की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आगे उम्मीद है कि इस सेमिनार में हुई चर्चाएँ और विशेषज्ञों के सुझाव नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।