आकाश आनंद फिर बने बसपा के राष्ट्रीय संयोजक, मायावती के भरोसे पर बोले — 'काम से सही साबित करूंगा'
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने का ऐलान किया। पुनर्नियुक्ति के बाद आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि उन पर जताए गए भरोसे को वे अपने काम से सही साबित करेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बसपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है।
आकाश आनंद की पहली प्रतिक्रिया
आकाश आनंद ने मायावती को संबोधित करते हुए कहा, 'बहन कु. मायावती, सादर चरणस्पर्श। आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूं।'
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में उन्होंने काफी कुछ सीखा है और उनकी सबसे बड़ी सीख यह रही कि बहुजन मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि उन दोनों ने जो रास्ता दिखाया और मायावती ने जिस पर अपना पूरा जीवन लगाया, उस पर चलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
आकाश आनंद ने यह भी कहा, 'मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मजबूत करने के लिए दिन-रात काम करूंगा।' उन्होंने अपने संदेश का समापन 'जय भीम, जय भारत' के साथ किया।
मायावती के फैसले की वजह
मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए काफी सोच-विचार के बाद यह फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि पार्टी के अधिकांश लोगों की राय थी कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पुनः जिम्मेदारी सौंपी जाए।
मायावती ने यह भी कहा कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी का काम सुचारू तरीके से चलेगा और बार-बार संगठनात्मक बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने पिछले कुछ समय में आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव का हवाला भी दिया।
परिवार की सहमति और ईशान आनंद की भूमिका
मायावती ने बताया कि आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार और उनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस फैसले पर अपनी सहमति जताई है। उन्होंने ईशान आनंद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी पद के भी पार्टी की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने की बात कही है।
गौरतलब है कि बसपा के भीतर पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। मायावती ने स्वयं स्वीकार किया कि आकाश आनंद से जुड़े कुछ कारणों की वजह से पार्टी को कई बार फेरबदल करने पड़े।
अनुशासन और आगामी चुनाव की तैयारी
मायावती ने पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया और कहा कि इसके लिए उन्होंने कई कठोर फैसले लिए, जिनमें उनके अपने परिवार के सदस्य भी अपवाद नहीं रहे। उन्होंने कहा, 'बहुजन समाज ही मेरा बड़ा परिवार है और उसका हित तथा कल्याण मेरे लिए सबसे ऊपर है।'
बसपा प्रमुख ने बताया कि पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सर्वसमाज को साथ लेकर जोरदार तैयारी कर रही है। आकाश आनंद की यह पुनर्नियुक्ति बसपा के चुनावी अभियान को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।