6 अक्टूबर 2026
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आकाश आनंद फिर बने बसपा के राष्ट्रीय संयोजक, मायावती के भरोसे पर बोले — 'काम से सही साबित करूंगा'

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आकाश आनंद फिर बने बसपा के राष्ट्रीय संयोजक, मायावती के भरोसे पर बोले — 'काम से सही साबित करूंगा'

सारांश

मायावती ने एक बार फिर आकाश आनंद पर भरोसा जताया और उन्हें बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया। आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से क्षमायाचना की और कहा कि बहुजन मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से बड़ा है। यह बदलाव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के पुनर्संगठन की कोशिश को दर्शाता है।

मुख्य बातें

मायावती ने 5 अक्टूबर 2026 को आकाश आनंद को दोबारा बसपा के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में नियुक्त किया।
आकाश आनंद ने कहा — 'मायावती ने जो भरोसा जताया है, उसे काम से सही साबित करूंगा' और संदेश का समापन 'जय भीम, जय भारत' से किया।
आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद यह फैसला लिया गया।
आनंद कुमार (पिता) और ईशान आनंद (भाई) ने पुनर्नियुक्ति पर सहमति जताई।
बसपा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत सर्वसमाज को साथ लेकर संगठन मजबूत करने में जुटी है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने का ऐलान किया। पुनर्नियुक्ति के बाद आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि उन पर जताए गए भरोसे को वे अपने काम से सही साबित करेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बसपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है।

आकाश आनंद की पहली प्रतिक्रिया

आकाश आनंद ने मायावती को संबोधित करते हुए कहा, 'बहन कु. मायावती, सादर चरणस्पर्श। आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूं।'

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में उन्होंने काफी कुछ सीखा है और उनकी सबसे बड़ी सीख यह रही कि बहुजन मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि उन दोनों ने जो रास्ता दिखाया और मायावती ने जिस पर अपना पूरा जीवन लगाया, उस पर चलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

आकाश आनंद ने यह भी कहा, 'मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मजबूत करने के लिए दिन-रात काम करूंगा।' उन्होंने अपने संदेश का समापन 'जय भीम, जय भारत' के साथ किया।

मायावती के फैसले की वजह

मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए काफी सोच-विचार के बाद यह फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि पार्टी के अधिकांश लोगों की राय थी कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पुनः जिम्मेदारी सौंपी जाए।

मायावती ने यह भी कहा कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी का काम सुचारू तरीके से चलेगा और बार-बार संगठनात्मक बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने पिछले कुछ समय में आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव का हवाला भी दिया।

परिवार की सहमति और ईशान आनंद की भूमिका

मायावती ने बताया कि आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार और उनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस फैसले पर अपनी सहमति जताई है। उन्होंने ईशान आनंद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी पद के भी पार्टी की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने की बात कही है।

गौरतलब है कि बसपा के भीतर पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। मायावती ने स्वयं स्वीकार किया कि आकाश आनंद से जुड़े कुछ कारणों की वजह से पार्टी को कई बार फेरबदल करने पड़े।

अनुशासन और आगामी चुनाव की तैयारी

मायावती ने पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया और कहा कि इसके लिए उन्होंने कई कठोर फैसले लिए, जिनमें उनके अपने परिवार के सदस्य भी अपवाद नहीं रहे। उन्होंने कहा, 'बहुजन समाज ही मेरा बड़ा परिवार है और उसका हित तथा कल्याण मेरे लिए सबसे ऊपर है।'

बसपा प्रमुख ने बताया कि पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सर्वसमाज को साथ लेकर जोरदार तैयारी कर रही है। आकाश आनंद की यह पुनर्नियुक्ति बसपा के चुनावी अभियान को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या बार-बार के इन फेरबदलों से कार्यकर्ताओं का मनोबल और पार्टी की विश्वसनीयता प्रभावित नहीं हुई। गौरतलब है कि बसपा का वोट-शेयर पिछले कई चुनावों में लगातार सिकुड़ता रहा है — ऐसे में राष्ट्रीय संयोजक का बदलाव संगठनात्मक पुनरुत्थान के लिए पर्याप्त है या नहीं, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आकाश आनंद को बसपा का राष्ट्रीय संयोजक दोबारा क्यों बनाया गया?
मायावती ने बताया कि पार्टी के अधिकांश लोगों की राय थी कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पुनः जिम्मेदारी दी जाए। इसके साथ ही आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास और आकाश के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव को भी इस फैसले का आधार बताया गया।
आकाश आनंद ने अपनी पुनर्नियुक्ति पर क्या कहा?
आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि उन पर जताए गए भरोसे को वे हल्के में नहीं लेंगे और इसे अपने काम से सही साबित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है।
बसपा में अशोक सिद्धार्थ की क्या भूमिका थी और उन्होंने संन्यास क्यों लिया?
अशोक सिद्धार्थ आकाश आनंद के ससुर हैं। मायावती ने संकेत दिया कि उनसे जुड़े कुछ कारणों की वजह से संगठन में बार-बार बदलाव करने पड़े थे। उनके राजनीति से संन्यास लेने के बाद मायावती को उम्मीद है कि पार्टी का काम अब सुचारू तरीके से चलेगा।
इस पुनर्नियुक्ति का उत्तर प्रदेश चुनाव पर क्या असर होगा?
बसपा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और मायावती ने सर्वसमाज को साथ लेकर चुनावी तैयारी का संकल्प दोहराया है। आकाश आनंद की पुनर्नियुक्ति पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे को स्थिर करने और चुनावी अभियान को नई ऊर्जा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
ईशान आनंद की बसपा में क्या भूमिका है?
ईशान आनंद, आकाश आनंद के छोटे भाई हैं। मायावती के अनुसार, ईशान आनंद ने बिना किसी पद के भी पार्टी की ओर से दी जाने वाली जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने की बात कही है। उन्होंने भी आकाश की पुनर्नियुक्ति पर सहमति जताई।
राष्ट्र प्रेस
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