क्या अमेरिकी ऑपरेशन ने वेनेजुएला की रक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता का पर्दाफाश किया?
सारांश
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नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की कार्रवाई को रक्षा विशेषज्ञों ने महीनों की रणनीतिक तैयारी का नतीजा बताया है। रक्षा मामलों के जानकार कमांडर (रिटायर्ड) जीजे सिंह ने इस सैन्य अभियान को वेनेजुएला की रक्षा व्यवस्था की एक बड़ी विफलता करार दिया है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई थी, बल्कि इसकी तैयारी पिछले चार से पांच महीनों से चल रही थी। सितंबर महीने से अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती शुरू कर दी थी। इसके तहत अमेरिका ने दुनिया का सबसे नया, अत्याधुनिक और शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को उसके पूरे बैटल ग्रुप के साथ तैनात किया था। इससे स्पष्ट संकेत मिल रहे थे कि अमेरिका किसी बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका के पिछले सैन्य अभियानों पर गौर किया जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका किसी भी देश में सीधे बड़े पैमाने पर जमीनी सेना उतारने के बजाय स्थानीय समर्थन पर निर्भर करता रहा है। अफगानिस्तान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी अमेरिका ने अपनी सीमित सैन्य उपस्थिति रखी और जमीन पर मौजूद ताकतें स्थानीय सेनाएं या वे लोग थे जो अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े थे।
रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, वेनेजुएला में किया गया यह अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन तकनीकी और रणनीतिक दृष्टि से बेहद सफल रहा। उन्होंने बताया कि मात्र आधे घंटे के भीतर टारगेटेड बमबारी की गई। इसके तुरंत बाद अमेरिकी बल उस स्थान पर पहुंचे, जहां राष्ट्रपति मादुरो ठहरे हुए थे। हेलीकॉप्टरों की मदद से कमांडो उतारे गए और बेहद सटीक तरीके से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम और संपूर्ण रक्षा तंत्र को पूरी तरह से विफल करार दिया। उनका मानना है कि देश का पूरा रक्षा तंत्र इस दौरान ढह गया। यहां तक कि जब राष्ट्रपति को देश की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक से बाहर ले जाया जा रहा था, तब भी वेनेजुएला की सेना या सुरक्षा एजेंसियां कोई प्रभावी प्रतिक्रिया देने में पूरी तरह असफल रहीं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता की रक्षा उसकी सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है, और इस घटना ने वेनेजुएला की रक्षा क्षमताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।