चंडीगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट्स कलर': अमित शाह बोले — 140 दिन में 85% दोषसिद्धि, कभी ट्रैफिक जाम नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार, 1 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पुलिस लाइन में आयोजित हीरक जयंती समारोह में राष्ट्रपति की ओर से स्वीकृत प्रतिष्ठित 'प्रेसिडेंट्स कलर' प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बल ने मात्र 140 दिनों में 85 फीसदी दोषसिद्धि दर हासिल की है, जो देशभर के पुलिस बलों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हीरक जयंती और प्रेसिडेंट्स कलर
समारोह में गृह मंत्री ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। शाह ने अपने संबोधन में कहा, 'चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान से अलंकृत किया जाना छह दशकों की सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का सम्मान है।' उन्होंने 1966 से आज तक बल के योगदान को 'देश के पुलिस बलों के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय' करार दिया और कर्तव्य के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रिस्पॉन्स टाइम और नए वाहन
गृह मंत्री ने बताया कि घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के मामले में चंडीगढ़ पुलिस इस समय देश में दूसरे स्थान पर है। यहाँ क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का रिस्पॉन्स टाइम मात्र 10 मिनट और पुलिस का घटनास्थल पर पहुँचने का समय केवल 4 मिनट है। इस अवसर पर 141 नए वाहन पुलिस बेड़े में शामिल किए गए, जिससे आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। शाह ने विश्वास जताया कि इन आधुनिक संसाधनों के बल पर चंडीगढ़ पुलिस अगले वर्ष रिस्पॉन्स टाइम के मामले में देश में प्रथम स्थान हासिल करेगी।
ट्रैफिक व्यवस्था और दोषसिद्धि दर
शाह ने रेखांकित किया कि चंडीगढ़ देश में प्रति व्यक्ति सर्वाधिक वाहनों वाले शहरों में शामिल है, बावजूद इसके यहाँ यातायात व्यवस्था सुचारू रहती है। उन्होंने कहा कि वे गृह मंत्री बनने से पहले और बाद में भी यहाँ आए, लेकिन कभी ट्रैफिक जाम नहीं देखा। 140 दिनों में 85 फीसदी दोषसिद्धि दर की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि देशभर में न्याय संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो, तो नागरिकों को न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब कई राज्यों में आपराधिक मामलों के निपटारे में वर्षों लग जाते हैं।
नई न्याय संहिताएँ और आतंकवाद का दौर
गृह मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई न्याय संहिताओं की शुरुआत भी चंडीगढ़ से ही की थी, जिसके तहत अंग्रेजों के बनाए तीन पुराने कानूनों को प्रतिस्थापित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जब आतंकवाद का दौर आया, तो चंडीगढ़ पुलिस ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि चंडीगढ़ देश में सबसे पहले नशा मुक्त होगा। गौरतलब है कि चंडीगढ़ पुलिस ने विभिन्न ऐप्स और आधुनिक तकनीकी मॉडलों के माध्यम से नागरिकों को ऐसी सुविधाएँ दी हैं जिनसे उन्हें पुलिस सेवाओं के लिए थाने जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। आने वाले समय में इन मानकों को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करना एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों होगा।