पप्पू यादव का BJP पर हमला: 'मुगल-अंग्रेज गए, ये मानवता के दुश्मन कहाँ रहेंगे?'
सारांश
मुख्य बातें
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 1 नवंबर 2026 को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह मुगल और अंग्रेज भारत की सत्ता से विदा हुए, उसी तरह यह सरकार भी नहीं टिकेगी। उन्होंने BJP को 'मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन' करार दिया और लोकतंत्र व संविधान पर हमले का आरोप लगाया।
मुगल-अंग्रेज से की तुलना
यादव ने कहा, 'मुगलों ने हमारी सभ्यता और संस्कृति पर हमला किया, अंग्रेजों ने हमारे खनिज संसाधनों से लेकर सामाजिक व्यवस्था पर हमला किया — गए कि नहीं? रावण गया कि नहीं? यजीद गया कि नहीं? कंस गया कि नहीं?' उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत बुद्ध, शिव, कृष्ण, मोहम्मद, गुरु गोविंद सिंह, सावित्रीबाई फुले, कबीर, भगत सिंह, सुभाष बोस, चंद्रशेखर आजाद, गांधी और नेहरू की धरती है — और यह शहादत की धरती है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगा रहा है।
संविधान और लोकतंत्र पर आरोप
यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल 'पहले ही संविधान को जला चुका है' और इसके नेता 'मनुस्मृति वाले लोग हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के चढ़ावे में चोरी की गई। उनके शब्दों में, 'मुगल तो बाहर से आकर कुछ तोड़कर गए, ये तो हमारे बनाए हुए मंदिर में ही चोरी कर रहे हैं।'
गौरतलब है कि यह आरोप सत्यापित दावे नहीं हैं — ये पप्पू यादव के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें उन्हीं के वक्तव्य के रूप में लिया जाना चाहिए।
SIR और विदेश नीति पर सवाल
विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) में हटाए गए नामों का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि '13 करोड़ जनता कहाँ की है? 14 करोड़ जनता क्या विदेश की है?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार एलन मस्क, ट्रम्प और चीन को जवाब देने में विफल रही। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान बचाने के लिए 10,000 किलोमीटर यात्रा की और मणिपुर से गोवा तक तथा अंकिता भंडारी जैसे मामलों में पीड़ितों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
आर्थिक नीतियों पर निशाना
यादव ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में व्यापारी, किसान और महिलाएँ प्रभावित हुईं और जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी। उन्होंने दावा किया कि सरकार के सत्ता में आने के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़कर ₹110 हो गए और महंगाई में भारी उछाल आया है।
उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन पहले उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यापारियों के समर्थन में सड़क पर उतरे थे।
आगे की राह
पप्पू यादव के इस हमले के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब इतिहास के तमाम अत्याचारी सत्ताएँ समाप्त हो गईं, तो यह सरकार भी जनता के सामने टिक नहीं पाएगी — और जनता ही एकमात्र रास्ता है।