1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पप्पू यादव का BJP पर हमला: 'मुगल-अंग्रेज गए, ये मानवता के दुश्मन कहाँ रहेंगे?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पप्पू यादव का BJP पर हमला: 'मुगल-अंग्रेज गए, ये मानवता के दुश्मन कहाँ रहेंगे?'

सारांश

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने BJP सरकार की तुलना मुगलों और अंग्रेजों से करते हुए उसे 'मानवता का दुश्मन' कहा। SIR में नाम हटाने, नोटबंदी, जीएसटी और विदेश नीति को लेकर उनका यह हमला विपक्ष के उस बढ़ते आक्रामक स्वर का हिस्सा है जो आने वाले चुनावी माहौल को और तीखा बना सकता है।

मुख्य बातें

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 1 नवंबर 2026 को BJP सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने मुगलों, अंग्रेजों, रावण और कंस से तुलना करते हुए कहा — 'ये कहाँ रहेंगे?' SIR में हटाए गए 13-14 करोड़ नामों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
नोटबंदी और जीएसटी को व्यापारी-विरोधी बताते हुए पेट्रोल-डीजल का दाम ₹110 तक पहुँचने का हवाला दिया।
राहुल गांधी की 10,000 किलोमीटर संविधान यात्रा का समर्थन किया।
BJP को 'मनुस्मृति वाले' और 'मंदिर में चोरी करने वाले' कहकर संविधान पर हमले का आरोप लगाया।

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 1 नवंबर 2026 को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह मुगल और अंग्रेज भारत की सत्ता से विदा हुए, उसी तरह यह सरकार भी नहीं टिकेगी। उन्होंने BJP को 'मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन' करार दिया और लोकतंत्र व संविधान पर हमले का आरोप लगाया।

मुगल-अंग्रेज से की तुलना

यादव ने कहा, 'मुगलों ने हमारी सभ्यता और संस्कृति पर हमला किया, अंग्रेजों ने हमारे खनिज संसाधनों से लेकर सामाजिक व्यवस्था पर हमला किया — गए कि नहीं? रावण गया कि नहीं? यजीद गया कि नहीं? कंस गया कि नहीं?' उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत बुद्ध, शिव, कृष्ण, मोहम्मद, गुरु गोविंद सिंह, सावित्रीबाई फुले, कबीर, भगत सिंह, सुभाष बोस, चंद्रशेखर आजाद, गांधी और नेहरू की धरती है — और यह शहादत की धरती है।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगा रहा है।

संविधान और लोकतंत्र पर आरोप

यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल 'पहले ही संविधान को जला चुका है' और इसके नेता 'मनुस्मृति वाले लोग हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के चढ़ावे में चोरी की गई। उनके शब्दों में, 'मुगल तो बाहर से आकर कुछ तोड़कर गए, ये तो हमारे बनाए हुए मंदिर में ही चोरी कर रहे हैं।'

गौरतलब है कि यह आरोप सत्यापित दावे नहीं हैं — ये पप्पू यादव के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें उन्हीं के वक्तव्य के रूप में लिया जाना चाहिए।

SIR और विदेश नीति पर सवाल

विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) में हटाए गए नामों का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि '13 करोड़ जनता कहाँ की है? 14 करोड़ जनता क्या विदेश की है?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार एलन मस्क, ट्रम्प और चीन को जवाब देने में विफल रही। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान बचाने के लिए 10,000 किलोमीटर यात्रा की और मणिपुर से गोवा तक तथा अंकिता भंडारी जैसे मामलों में पीड़ितों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

आर्थिक नीतियों पर निशाना

यादव ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में व्यापारी, किसान और महिलाएँ प्रभावित हुईं और जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी। उन्होंने दावा किया कि सरकार के सत्ता में आने के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़कर ₹110 हो गए और महंगाई में भारी उछाल आया है।

उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन पहले उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यापारियों के समर्थन में सड़क पर उतरे थे।

आगे की राह

पप्पू यादव के इस हमले के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब इतिहास के तमाम अत्याचारी सत्ताएँ समाप्त हो गईं, तो यह सरकार भी जनता के सामने टिक नहीं पाएगी — और जनता ही एकमात्र रास्ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें तथ्यात्मक बारीकियाँ नदारद हैं। SIR और नोटबंदी जैसे मुद्दे जायज़ नीतिगत सवाल हैं, लेकिन इन्हें ऐतिहासिक अत्याचारियों की श्रृंखला में रखना उन्हें विमर्श से ज़्यादा भावनात्मक बनाता है। मुख्यधारा की मीडिया इसे महज़ 'विपक्ष का हमला' बताकर छोड़ देगी — असली सवाल यह है कि क्या यह बयानबाज़ी ज़मीनी राजनीतिक गोलबंदी में तब्दील होगी।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने BJP की मुगलों और अंग्रेजों से तुलना क्यों की?
पप्पू यादव ने यह तुलना यह दर्शाने के लिए की कि जिस तरह इतिहास में अत्याचारी सत्ताएँ समाप्त हुईं, उसी तरह BJP सरकार भी जनता के सामने नहीं टिकेगी। उनका यह बयान राजनीतिक आरोप है, कोई ऐतिहासिक विश्लेषण नहीं।
पप्पू यादव ने SIR पर क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) से 13 से 14 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में नाम क्यों काटे गए और यह जनता के अधिकारों पर हमला है।
पप्पू यादव ने नोटबंदी और जीएसटी पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि नोटबंदी में व्यापारी, किसान और महिलाएँ बुरी तरह प्रभावित हुईं और जीएसटी ने छोटे व्यापारियों को बर्बाद किया। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के दाम ₹110 तक पहुँचने और महंगाई में वृद्धि का भी हवाला दिया।
पप्पू यादव किस पार्टी से हैं?
पप्पू यादव निर्दलीय सांसद हैं। वे बिहार के पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से जन अधिकार पार्टी के नेता के रूप में जाने जाते हैं, हालाँकि उन्होंने निर्दलीय रूप से भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है।
पप्पू यादव के बयान पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
स्रोत में BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। यह बयान राजनीतिक आरोप के रूप में आया है और BJP की ओर से किसी औपचारिक खंडन का अभी तक ज़िक्र नहीं किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 16 घंटे पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले