मौलाना रजवी का इंडिया ब्लॉक रैली पर निशाना: व्यापारियों की अपील अनसुनी, त्योहार सीजन में हजारों करोड़ के नुकसान की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
बरेली के著名 धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 1 नवंबर 2026 को इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान, दिल्ली में प्रस्तावित रैली पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने त्योहार सीजन में रैली टालने की दिल्ली के व्यापारियों की अपील पूरी तरह नज़रअंदाज कर दी, जिससे हजारों करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान की आशंका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धरना-प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है, परंतु आम जनता के हितों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं।
व्यापारियों की पुकार और कांग्रेस की चुप्पी
मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से अनुरोध किया था कि रैली को कुछ दिनों के लिए स्थगित किया जाए, क्योंकि यह समय त्योहारों का है। उन्होंने कहा, 'व्यापारी साल भर त्योहारों का इंतजार करते हैं कि बाहर से खरीदार आएंगे, उनका स्टॉक बिकेगा, कुछ आमदनी होगी और परिवार का पालन-पोषण होगा। लेकिन इन तमाम उम्मीदों पर इंडिया अलायंस ने पानी फेर दिया।'
उन्होंने सवाल उठाया कि हजारों करोड़ रुपये के इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा — कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा और व्यापारियों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाएगा।
नशामुक्ति अभियान का समर्थन
मौलाना रजवी बरेलवी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा, 'भारत के गृह मंत्री ने पंजाब में नशामुक्ति का एक अभियान चला रखा है और यह बहुत जरूरी भी है। किसी भी परिवार में अगर कोई बच्चा या नौजवान नशा करने लगता है, तो पूरा परिवार प्रभावित हो जाता है और खुद उसकी सेहत पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है।'
उन्होंने नशे के विरुद्ध इस अभियान को केवल पंजाब तक सीमित न रखते हुए पूरे देश के लिए आवश्यक बताया और हर व्यक्ति से अपील की कि वे अपने परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोस में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएँ।
उमर अब्दुल्ला-निधि राजदान विवाह पर धार्मिक दृष्टिकोण
मौलाना रजवी बरेलवी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान के विवाह पर अपना धार्मिक मत प्रकट किया। उनके अनुसार इस्लामी उसूलों के तहत निकाह के लिए लड़के और लड़की दोनों का मुसलमान होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि चूँकि उमर अब्दुल्ला मुसलमान हैं और निधि राजदान गैर-मुस्लिम हैं, इसलिए इस्लामी दृष्टिकोण से यह विवाह निकाह नहीं माना जाएगा। गौरतलब है कि यह उनका व्यक्तिगत धार्मिक मत है; यह विवाह भारतीय कानून के तहत पूर्णतः वैध है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के व्यापारिक संगठन पहले से ही त्योहार सीजन के दौरान किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन से बाजार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हैं। इंडिया ब्लॉक की रैली से रामलीला मैदान के आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में भीड़ और यातायात बाधित होने की आशंका है।
मौलाना रजवी बरेलवी की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे परंपरागत रूप से एक प्रभावशाली धार्मिक आवाज़ माने जाते हैं। अब देखना होगा कि इंडिया ब्लॉक इन आलोचनाओं का जवाब किस प्रकार देता है।