अमित शाह की दिल्ली सुरक्षा समीक्षा: 1 नवंबर मार्च से पहले उपद्रवियों पर सख्ती के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले किसी भी अशांति फैलाने वाले तत्व से कड़ाई से निपटा जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने का अधिकार नहीं है।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (IB) प्रमुख महेश दीक्षित और गृह मंत्रालय तथा दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में राजधानी में समग्र कानून-व्यवस्था की स्थिति और आने वाले दिनों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने हाल के विरोध प्रदर्शनों और रैलियों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए दिल्ली पुलिस की सराहना भी की।
मुख्य निर्देश और सुरक्षा उपाय
गृह मंत्री ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों पर नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यापक उपयोग का भी आह्वान किया।
राजधानी के सभी प्रवेश द्वारों पर असामाजिक तत्वों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए।
केंद्रीय बलों की तैनाती
CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF और RAF इकाइयों सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 250 से अधिक कंपनियाँ पहले ही नई दिल्ली में तैनात की जा चुकी हैं। महिला कर्मियों सहित यह तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है और सुरक्षा आकलन के आधार पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
विपक्ष की तैयारी और व्यापारियों की आपत्ति
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग प्रस्ताव पर केंद्रित एक सांकेतिक संसदीय सत्र और उसके बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान तक एक विशाल मार्च की घोषणा की है।
हालाँकि, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) सहित दिल्ली के कई व्यापार संगठनों ने इस रैली को स्थगित करने की माँग की है। दिल्ली के व्यापारियों ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि रैली 10 नवंबर के बाद आयोजित की जाए, यह तर्क देते हुए कि त्योहारी मौसम में रैली आयोजित करने से आर्थिक नुकसान होगा।
आगे क्या होगा
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था प्रोटोकॉल के अनुसार सख्ती से काम करती रहेगी। गौरतलब है कि आने वाले दिनों में CAPF की तैनाती और सुरक्षा स्थिति की नियमित समीक्षा जारी रहेगी।