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अमित शाह की दिल्ली सुरक्षा समीक्षा: 1 नवंबर मार्च से पहले उपद्रवियों पर सख्ती के निर्देश

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अमित शाह की दिल्ली सुरक्षा समीक्षा: 1 नवंबर मार्च से पहले उपद्रवियों पर सख्ती के निर्देश

सारांश

1 नवंबर के इंडिया ब्लॉक मार्च से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा समीक्षा की, CAPF की 250+ कंपनियाँ तैनात और उपद्रवियों पर सख्ती के आदेश। दिल्ली व्यापारियों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर त्योहारी नुकसान का हवाला देते हुए रैली टालने की माँग की।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
सुरक्षा एजेंसियों को 1 नवंबर के इंडिया ब्लॉक मार्च से पहले अशांति फैलाने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने का निर्देश।
CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF और RAF सहित CAPF की 250 से अधिक कंपनियाँ दिल्ली में तैनात; तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई।
सीसीटीवी और AI के व्यापक उपयोग तथा सभी प्रवेश द्वारों पर विशेष सतर्कता के आदेश।
इंडिया ब्लॉक ने 30 अक्टूबर को सांकेतिक संसदीय सत्र और 1 नवंबर को रामलीला मैदान मार्च की घोषणा की।
CTI सहित दिल्ली व्यापार संगठनों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली 10 नवंबर के बाद कराने का अनुरोध किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले किसी भी अशांति फैलाने वाले तत्व से कड़ाई से निपटा जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने का अधिकार नहीं है।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

इस उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (IB) प्रमुख महेश दीक्षित और गृह मंत्रालय तथा दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में राजधानी में समग्र कानून-व्यवस्था की स्थिति और आने वाले दिनों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने हाल के विरोध प्रदर्शनों और रैलियों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए दिल्ली पुलिस की सराहना भी की।

मुख्य निर्देश और सुरक्षा उपाय

गृह मंत्री ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों पर नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यापक उपयोग का भी आह्वान किया।

राजधानी के सभी प्रवेश द्वारों पर असामाजिक तत्वों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए।

केंद्रीय बलों की तैनाती

CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF और RAF इकाइयों सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 250 से अधिक कंपनियाँ पहले ही नई दिल्ली में तैनात की जा चुकी हैं। महिला कर्मियों सहित यह तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है और सुरक्षा आकलन के आधार पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

विपक्ष की तैयारी और व्यापारियों की आपत्ति

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग प्रस्ताव पर केंद्रित एक सांकेतिक संसदीय सत्र और उसके बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान तक एक विशाल मार्च की घोषणा की है।

हालाँकि, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) सहित दिल्ली के कई व्यापार संगठनों ने इस रैली को स्थगित करने की माँग की है। दिल्ली के व्यापारियों ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि रैली 10 नवंबर के बाद आयोजित की जाए, यह तर्क देते हुए कि त्योहारी मौसम में रैली आयोजित करने से आर्थिक नुकसान होगा।

आगे क्या होगा

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था प्रोटोकॉल के अनुसार सख्ती से काम करती रहेगी। गौरतलब है कि आने वाले दिनों में CAPF की तैनाती और सुरक्षा स्थिति की नियमित समीक्षा जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यापारियों द्वारा राहुल गांधी को सीधे पत्र लिखना विपक्ष के लिए एक असहज राजनीतिक संकेत है — त्योहारी सीज़न में बाज़ार बंदी की चिंता मतदाताओं के बीच रैली की अपील को कमज़ोर कर सकती है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने दिल्ली सुरक्षा बैठक में क्या निर्देश दिए?
गृह मंत्री अमित शाह ने 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिया कि 1 नवंबर के इंडिया ब्लॉक मार्च से पहले किसी भी अशांति फैलाने वाले तत्व से कड़ाई से निपटा जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, AI और CCTV के अधिक उपयोग तथा सभी प्रवेश द्वारों पर विशेष सतर्कता के भी निर्देश दिए।
दिल्ली में CAPF की कितनी कंपनियाँ तैनात हैं और कब तक रहेंगी?
CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF और RAF सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 250 से अधिक कंपनियाँ दिल्ली में पहले ही तैनात की जा चुकी हैं। महिला कर्मियों सहित यह तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है और सुरक्षा आकलन के आधार पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर को दिल्ली में क्या करने की योजना बना रहा है?
इंडिया ब्लॉक ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग प्रस्ताव पर केंद्रित एक सांकेतिक संसदीय सत्र आयोजित करने की घोषणा की है। इसके बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान तक एक विशाल मार्च निकाला जाएगा।
दिल्ली के व्यापारियों ने इंडिया ब्लॉक की रैली पर क्यों आपत्ति जताई?
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) सहित दिल्ली के कई व्यापार संगठनों का कहना है कि त्योहारी मौसम में रैली आयोजित करने से आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने विपक्ष नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि रैली 10 नवंबर के बाद आयोजित की जाए।
इस बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे?
बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो प्रमुख महेश दीक्षित और गृह मंत्रालय तथा दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजधानी की समग्र कानून-व्यवस्था और आने वाले दिनों की सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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