13 अक्टूबर 2026
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गुजरात में कांग्रेस की 41 साल की हार पर अमित शाह का तंज, राहुल गांधी को आत्ममंथन की नसीहत

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गुजरात में कांग्रेस की 41 साल की हार पर अमित शाह का तंज, राहुल गांधी को आत्ममंथन की नसीहत

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात निकाय चुनावों में BJP की 104 में से 90 सीटें जीतने के बाद राहुल गांधी पर सीधा वार किया — 41 साल की हार का हवाला देते हुए कांग्रेस को आत्ममंथन की नसीहत दी। राजस्थान, त्रिपुरा और उपचुनाव के आँकड़े पेश कर शाह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय विपक्षी दावे को चुनौती दी।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 13 अक्टूबर 2026 को गुजरात निकाय चुनावों की जीत का हवाला देकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।
गुजरात में तीन नगर निकायों की कुल 104 सीटों में से BJP ने 90 सीटें जीती; गांधीनगर नगर निगम में 44 में से 38 सीटें BJP के खाते में।
शाह का दावा — कांग्रेस ने गुजरात में आखिरी बार 1985 में चुनाव जीता था; तब से 41 वर्षों से हार का सिलसिला जारी।
नौगांव में BJP ने 1.42 लाख वोटों से, नंदीग्राम में 1.22 लाख वोटों से और रेजीनगर में 75,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की।
त्रिपुरा ग्राम समिति चुनावों में NDA ने लगभग 4,000 सीटें जीतीं; कुल मत प्रतिशत 77.5 रहा।
शाह ने SIR विवाद पर पलटवार करते हुए कहा कि BJP की सफलता मोदी की लोकप्रियता का प्रमाण है, न कि किसी प्रक्रियागत कारण का।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बड़ी जीत का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। शाह ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस पिछले 41 वर्षों से एक भी चुनाव जीतने में नाकाम रही है और पार्टी नेतृत्व को इस पर गहरा आत्ममंथन करना चाहिए।

गुजरात निकाय चुनावों के नतीजे

गृह मंत्री शाह ने बताया कि राज्य के तीन नगर निकायों में हुए चुनावों में BJP ने कुल 104 सीटों में से 90 सीटें जीती हैं। उनके संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांधीनगर नगर निगम में BJP ने 44 में से 38 सीटें अपने नाम कीं। शाह के अनुसार, गांधीनगर में पिछले चुनाव की तुलना में BJP का मत प्रतिशत 10 प्रतिशत बढ़ा है।

शाह ने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने गांधीनगर निगम की सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन प्रत्येक सीट पर उसकी जमानत जब्त हो गई। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों में भी अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया था।

कांग्रेस पर सीधा वार: 1985 के बाद से हार का सिलसिला

शाह ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में आखिरी बार 1985 में चुनाव जीता था और तब से उसे लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि गुजरात जैसे बड़े राज्य में, जहाँ कांग्रेस कभी सत्ता में थी, चार दशकों की निरंतर हार पार्टी के संगठन और नेतृत्व की गंभीर समीक्षा की माँग करती है।

शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या गुजरात के निकाय चुनावों के नतीजे भी SIR का परिणाम हैं। शाह का कहना था कि BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को SIR से जोड़कर खारिज करने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को अपनी राजनीतिक स्थिति पर विचार करना चाहिए।

उपचुनावों और अन्य राज्यों के नतीजों का हवाला

गृह मंत्री ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कांग्रेस इन तीनों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत सकी। उनके अनुसार नौगांव में BJP उम्मीदवार ने 1.42 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर यह सीट कांग्रेस से छीन ली। नंदीग्राम में BJP उम्मीदवार को 76 प्रतिशत वोट मिले और उन्होंने 1.22 लाख वोटों से जीत हासिल की।

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट पर BJP ने 75 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर यह सीट तृणमूल कांग्रेस (TMC) से छीनी। पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दल ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (AINRC) के उम्मीदवार ने 8,482 वोटों से जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को केवल 22 प्रतिशत वोट मिले।

राजस्थान और त्रिपुरा में भी BJP का दावा

राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में शाह ने BJP के प्रदर्शन को शानदार बताते हुए दावा किया कि पार्टी ने 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगर पालिकाओं में जीत हासिल की। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में 85 प्रतिशत से अधिक वार्डों में AAP की जमानत जब्त हो गई।

त्रिपुरा में ग्राम समिति चुनावों का जिक्र करते हुए शाह ने दावा किया कि NDA ने लगभग 4,000 सीटें जीती हैं — जिनमें 3,248 सीटें सीधे तौर पर और लगभग 900 अन्य सीटें भी शामिल हैं। गठबंधन का कुल मत प्रतिशत 77.5 रहा।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन INDIA की अगुआई का दावा करती है, लेकिन कई राज्यों में उसकी जमीनी पकड़ कमज़ोर पड़ती दिख रही है। आलोचकों का कहना है कि निकाय चुनावों के नतीजे विधानसभा या लोकसभा चुनावों का सीधा संकेत नहीं होते, क्योंकि स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि अक्सर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। शाह के बयानों को उनकी पार्टी की आधिकारिक स्थिति के रूप में देखा जा रहा है; कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उम्मीदवार की छवि और सत्ता-विरोधी लहर इन चुनावों में बड़ी भूमिका निभाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के पास गुजरात में कोई संगठनात्मक पुनर्निर्माण की रणनीति है, या पार्टी राष्ट्रीय विपक्षी ब्रांडिंग पर ही निर्भर रहेगी। SIR पर शाह का पलटवार यह भी दर्शाता है कि BJP चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर विपक्ष के आरोपों को गंभीरता से ले रही है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने गुजरात में कांग्रेस की 41 साल की हार से क्या आशय लगाया?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में 1985 के बाद से कोई चुनाव नहीं जीता है — यानी पिछले 41 वर्षों में उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए पार्टी के लिए गहरे आत्ममंथन का विषय बताया।
गुजरात निकाय चुनावों में BJP ने कितनी सीटें जीतीं?
शाह के अनुसार, गुजरात के तीन नगर निकायों में कुल 104 सीटों में से BJP ने 90 सीटें जीतीं। गांधीनगर नगर निगम में BJP ने 44 में से 38 सीटें हासिल कीं और मत प्रतिशत में पिछले चुनाव की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
SIR विवाद क्या है और शाह ने इस पर क्या कहा?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस ने आरोप लगाए थे कि इससे BJP को लाभ मिला। शाह ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या गुजरात के निकाय चुनावों के नतीजे भी SIR का परिणाम हैं, और कहा कि पार्टी की जीत मोदी की वास्तविक लोकप्रियता का प्रमाण है।
पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के उपचुनावों में क्या हुआ?
शाह के अनुसार, नौगांव में BJP ने 1.42 लाख वोटों के अंतर से और नंदीग्राम में 1.22 लाख वोटों से जीत दर्ज की। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट TMC से छीनी गई, जबकि पुडुचेरी में NDA सहयोगी AINRC ने 8,482 वोटों से जीत हासिल की और कांग्रेस को मात्र 22 प्रतिशत वोट मिले।
त्रिपुरा और राजस्थान में BJP का प्रदर्शन कैसा रहा?
त्रिपुरा में NDA ने ग्राम समिति चुनावों में लगभग 4,000 सीटें जीतीं और 77.5 प्रतिशत मत प्रतिशत हासिल किया। राजस्थान में BJP ने 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगर पालिकाओं में जीत दर्ज करने का दावा किया।
राष्ट्र प्रेस
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