अमृतसर कोर्ट का आदेश: अमृतपाल सिंह को बीमार दादी से 10 मिनट वीडियो कॉल की अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर जिला अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को खडूर साहिब के सांसद और 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह को उनकी गंभीर रूप से बीमार दादी से 10 मिनट की वीडियो कॉल के ज़रिए बातचीत करने की अनुमति प्रदान की है। अमृतपाल सिंह इस समय असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत बंद हैं।
अदालत का आदेश और पृष्ठभूमि
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बरिंदर सिंह ने अमृतपाल सिंह के वकीलों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया। वकीलों ने अदालत के समक्ष दलील दी थी कि उनकी मुवक्किल की दादी बुजुर्ग हैं और हाल ही में गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराई गई हैं, इसलिए उन्हें एक बार वीडियो कॉल की अनुमति दी जाए।
अदालत के आदेश के अनुसार, बुधवार से अगले पाँच दिनों के भीतर अमृतपाल सिंह एक बार 10 मिनट की वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी दादी का हालचाल जान सकेंगे। यह राहत मानवीय आधार पर न्यायिक विवेक से दी गई है।
डिब्रूगढ़ जेल में क्यों हैं अमृतपाल
अमृतपाल सिंह को मार्च 2023 में पंजाब पुलिस ने उनके नौ सहयोगियों सहित गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें अप्रैल 2023 से कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया है। उन पर खालिस्तान समर्थन, राज्य के विरुद्ध युद्ध भड़काने और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार के आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि जेल में रहते हुए भी अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की और सांसद बने। यह एक असाधारण राजनीतिक घटनाक्रम था जिसने देशभर में ध्यान खींचा।
मामले का राजनीतिक और कानूनी संदर्भ
NSA एक निवारक नज़रबंदी कानून है जिसके तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है। आलोचकों का कहना है कि इस कानून का उपयोग विपक्षी आवाज़ों को दबाने के लिए भी किया जाता है। अमृतपाल के समर्थकों ने उनकी रिहाई की माँग को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में कानून-व्यवस्था और अलगाववादी गतिविधियों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों सतर्क हैं। अदालत द्वारा दी गई यह वीडियो कॉल की अनुमति सीमित मानवीय राहत है और इसे रिहाई या जमानत से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
अमृतपाल सिंह के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी है। उनकी NSA हिरासत की नियमित समीक्षा होती रहती है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत उनके वकील समय-समय पर राहत के लिए याचिकाएँ दायर करते रहे हैं। फिलहाल उनकी रिहाई की कोई आधिकारिक तिथि सामने नहीं आई है।