अमृतसर में सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, 5 गिरफ्तार; असॉल्ट राइफल, ग्रेनेड और 13 पिस्टल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस की विशेष खुफिया शाखा काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 15 अक्टूबर 2026 को सीमा पार से हथियारों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद हथियारों में 1 असॉल्ट राइफल (.30 बोर), 2 हैंड ग्रेनेड, 13 पिस्टल (जिनमें 4 ग्लॉक पिस्टल शामिल हैं) और 25 कारतूस हैं। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने गुरुवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा की।
मुख्य घटनाक्रम
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर की इस कार्रवाई में पकड़े गए सभी 5 आरोपी कथित तौर पर एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं जो सीमा पार से हथियार पंजाब में लाने का काम करता था। मामले में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जाँच एजेंसियाँ अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे के संपर्कों की पड़ताल में जुटी हैं।
गौरतलब है कि पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार गिराए जाने की घटनाएँ बढ़ी हैं। यह ताज़ा कार्रवाई उसी व्यापक सुरक्षा चुनौती के संदर्भ में देखी जा रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस आपराधिक नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने, सीमा पार हथियारों की आवाजाही पर रोक लगाने और राज्य में शांति व सुरक्षा बहाल रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे की जाँच में सभी संदिग्ध सूत्रों की पहचान का आश्वासन दिया।
बरामद हथियार और साक्ष्य
पुलिस के अनुसार बरामद शस्त्रागार में शामिल हैं:
1 असॉल्ट राइफल (.30 बोर), 2 हैंड ग्रेनेड, 13 पिस्टल — जिनमें चार उच्च-क्षमता वाली ग्लॉक पिस्टल हैं — और 25 कारतूस। ग्लॉक पिस्टल का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि ये हथियार आमतौर पर विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े होते हैं।
आम जनता और राज्य सुरक्षा पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में गैंगस्टर-आतंकवादी गठजोड़ और सीमापार हथियार नेटवर्क को लेकर राज्य और केंद्र सरकार दोनों सतर्क हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के नेटवर्क का भंडाफोड़ न केवल आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाता है, बल्कि संभावित आतंकी साज़िशों को भी विफल कर सकता है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार जाँच अभी जारी है और इस तस्करी नेटवर्क के मास्टरमाइंड तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय सूत्रों की पहचान की कोशिश की जा रही है। SSOC अमृतसर मामले की जाँच की अगुवाई कर रही है और जल्द और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।