23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनेगी कमेटी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनेगी कमेटी?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला के मामले में अवैध खनन पर रोक लगाते हुए एक कमेटी के गठन का आदेश दिया है। इस कमेटी में विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम करेगी। जानें इस महत्वपूर्ण मामले के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य बातें

अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार को अवैध खनन पर कड़ी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया जाएगा।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अरावली पर्वतमाला के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक यथास्थिति को बनाए रखने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अरावली क्षेत्र में किसी भी अवैध खनन गतिविधि पर कड़ी रोक सुनिश्चित की जाए।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता में तीन जजों की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें विशेषज्ञ शामिल होंगे। सीजेआई ने कहा, "हम एक कमेटी बनाएंगे, जो अरावली पर रिपोर्ट तैयार करेगी। कमेटी कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम करेगी।"

राजस्थान के किसानों के वकील राजू रामचंद्रन ने कोर्ट को बताया कि जस्टिस ओका बेंच के 2024 के आदेशों के बावजूद खनन पट्टे जारी किए जा रहे हैं और पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने चिंता जताते हुए कहा कि अवैध खनन को रोकना आवश्यक है, क्योंकि यह एक गंभीर अपराध है।

मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों से कहा कि आपको अपनी मशीनरी को सक्रिय करना होगा, क्योंकि अवैध खनन के दुष्परिणाम हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी गैरकानूनी खनन न हो। कोर्ट ने सभी पक्षों से पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों और खनन विशेषज्ञों के नामों पर सुझाव मांगे।

सुनवाई के दौरान बेंच ने यह स्पष्ट किया कि 'जंगलों' और 'अरावली' की परिभाषा के सवाल की जांच अलग से की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों मुद्दे अलग-अलग चिंताओं को दर्शाते हैं और उन पर अलग से विचार करने की आवश्यकता है। जब एमिकस अपना नोट जमा करेंगे, तब इस मुद्दे पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी के. परमेश्वर को अरावली की परिभाषा पर विस्तृत नोट प्रस्तुत करने के लिए चार हफ्तों का समय दिया है।

पिछली सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा से जुड़े अपने पिछले निर्देशों को रोक दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य सरकारों के लिए भी एक सख्त संदेश है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली मामले में क्या निर्णय लिया?
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में अवैध खनन पर रोक लगाने और एक विशेषज्ञ कमेटी बनाने का आदेश दिया है।
इस कमेटी का उद्देश्य क्या होगा?
यह कमेटी अरावली के संदर्भ में रिपोर्ट तैयार करेगी और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्य करेगी।
राजस्थान सरकार को क्या निर्देश दिया गया है?
राजस्थान सरकार को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कोई भी अवैध खनन गतिविधि न हो।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले