17 जुलाई 2026
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क्या अरावली पर्वतमाला हमारी प्राकृतिक धरोहर है? सरकार इसके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध: सीएम भजनलाल शर्मा

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क्या अरावली पर्वतमाला हमारी प्राकृतिक धरोहर है? सरकार इसके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध: सीएम भजनलाल शर्मा

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली पर्वतमाला को राज्य की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर बताया है। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की कि हम इसकी रक्षा करेंगे। इस लेख में जानिए इस संबंध में क्या कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य बातें

अरावली पर्वतमाला की रक्षा के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता अवैध खनन को रोकने के लिए विशेष अभियान गृह क्षेत्र में 32,000 हेक्टेयर में वृक्षारोपण 250 करोड़ रुपए की ग्रीन अरावली विकास परियोजना सर्वोच्च न्यायालय और सीईसी के दिशा-निर्देशों का पालन

जयपुर, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि अरावली पर्वतमाला राज्य की अनमोल प्राकृतिक धरोहर है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार का दृष्टिकोण दृढ़ है; किसी भी स्थिति में अरावली के प्राकृतिक स्वरूप में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वन एवं पर्यावरण विभाग, खनन विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को अरावली जिलों में अवैध खनन को रोकने के लिए मिलकर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री शर्मा शनिवार को अपने निवास पर वन एवं पर्यावरण तथा खनन विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अरावली क्षेत्र में किसी भी नए खनन कार्य को अनुमति नहीं देगी।

उन्होंने आगे बताया कि केंद्र सरकार ने भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, जो पूरे अरावली क्षेत्र में लागू होंगे।

इन उपायों से पर्वत श्रृंखला के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने और अवैध खनन को प्रभावी रूप से रोकने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खनन पट्टे जारी करते समय राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया है।

उन्होंने बताया कि अरावली पर्वतमाला के पुनरोद्धार के लिए 250 करोड़ रुपए की ग्रीन अरावली विकास परियोजना शुरू की गई है।

इस परियोजना के तहत, अरावली जिलों में 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है ताकि हरियाली और पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, वन एवं पर्यावरण विभाग और खनन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरावली पर्वतमाला का क्या महत्व है?
अरावली पर्वतमाला न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने विशेष अभियान चलाने और सभी संबंधित विभागों के समन्वय से अवैध खनन पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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