हरिद्वार अर्धकुंभ की तैयारियों का जायजा, सीएम धामी के निजी सचिव दिनेश अग्रवाल पहुंचे हरिद्वार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निजी सचिव दिनेश अग्रवाल ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को हरिद्वार पहुँचकर आगामी अर्धकुंभ की तैयारियों का व्यापक मुआयना किया। दौरे के बाद उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस धार्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह तत्पर है तथा श्रद्धालुओं को बेहतर-से-बेहतर सुविधाएँ दिलाने के लिए लगातार काम हो रहा है।
अर्धकुंभ की तैयारियाँ: मुख्य बिंदु
दिनेश अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को भव्य रूप देने के लिए सरकार की ओर से हर स्तर पर तैयारी पूरी गति से चल रही है। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आयोजन की भव्यता राज्य की पहचान बने।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन रोकने की रणनीति
अग्रवाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य को जनजीवन की मूलभूत ज़रूरत बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में सुधार से राज्य में पलायन की समस्या पर भी काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास से जुड़े इन बुनियादी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों से युवाओं के पलायन की समस्या वर्षों से चिंता का विषय बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ाए जाएँ, ताकि युवाओं को काम की तलाश में राज्य छोड़ने की नौबत न आए। उनके अनुसार, यदि पलायन रुका तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी।
चारधाम पर्यटन और होम स्टे से आर्थिक लाभ
अग्रवाल ने होम स्टे क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि चारधाम में बेहतर व्यवस्थाओं के चलते पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब पर्यटक चारधाम क्षेत्र में पहुँचते हैं तो इससे आसपास की आर्थिक गतिविधियाँ सक्रिय होती हैं और स्थानीय लोगों के लिए यह आय का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत बन जाता है।
कांग्रेस पर निशाना और भाजपा की संगठनात्मक ताक़त का दावा
कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए दिनेश अग्रवाल ने कहा कि केवल विरोध-प्रदर्शन करने से चुनावी सफलता नहीं मिलती। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव को गंभीरता से लेती है और उसके कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धरना-प्रदर्शन विपक्ष की भूमिका का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इनमें आम जनता की भागीदारी के बिना जनसमर्थन साबित नहीं होता।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष में नेतृत्व को लेकर आपसी होड़ दिखाई देती है और वह बिखरा हुआ है। इसके विपरीत, BJP में संगठनात्मक फैसले सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाते हैं और कार्यकर्ता उन्हें लागू करने में जुटे रहते हैं।
चुनावी सर्वे और आगे की राह
विभिन्न चुनावी सर्वेक्षणों के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा कि अलग-अलग सर्वेक्षणों में अलग-अलग आँकड़े सामने आ सकते हैं और जनता को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि BJP का ज़मीनी संगठन और कार्यकर्ता आने वाले समय में पार्टी की स्थिति को और मज़बूत करेंगे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी पहले से तेज़ है।