कांवड़ यात्रा 2025: CM धामी बोले — सुरक्षा और व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता, हरिद्वार में जल्द होगी बड़ी बैठक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 19 जुलाई को स्पष्ट किया कि आगामी कांवड़ यात्रा के लिए राज्य सरकार की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की आवाजाही, ठहरने और सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा में इस बार 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की जानकारी देते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
कांवड़ यात्रा की तैयारी और हरिद्वार बैठक
मीडिया से बातचीत में सीएम धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, जिसमें शिवभक्त मां गंगा का जल लेकर अपने-अपने क्षेत्र के शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। इस दौरान हरिद्वार, ऋषिकेश और आसपास का पूरा क्षेत्र आस्था का केंद्र बन जाता है। उन्होंने बताया कि दो दिन के भीतर हरिद्वार में एक बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें यात्रा से जुड़े सभी पहलुओं — यातायात, आवास और सुरक्षा — पर विस्तृत चर्चा होगी।
चारधाम यात्रा में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले कई वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ता है। यात्रा अभी जारी है, लेकिन मानसून के मौसम में मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में प्रशासन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लेता है। धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा सबसे पहले है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात, बिजली आपूर्ति का अनुरोध
19 जुलाई को ही सीएम धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट की। इस बैठक में उन्होंने उत्तराखंड की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए जुलाई माह के लिए 150 मेगावाट और अगस्त माह के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। यह माँग चारधाम और कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली बिजली खपत को ध्यान में रखकर की गई।
जलविद्युत परियोजनाओं के लिए ₹7,800 करोड़ की माँग
बैठक में धामी ने राज्य की जलविद्युत और पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं को गति देने के लिए आगामी पाँच वर्षों में ₹7,800 करोड़ की सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस और वायबिलिटी गैप फंडिंग उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी माँग रखी कि उत्तराखंड को पूर्वोत्तर राज्यों की भाँति पूंजीगत वित्तीय सहायता प्रदान की जाए, ताकि इन परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित हो सके।
आगे की योजना
सीएम ने बताया कि चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारी भी समानांतर रूप से चल रही है और कुंभ की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श जारी है। उनका कहना है कि इन सभी धार्मिक आयोजनों को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और यादगार बनाना सरकार का संकल्प है।