चारधाम यात्रा 2025: एक महीने में 20.50 लाख श्रद्धालु, सीएम धामी बोले — सभी पुराने रिकॉर्ड टूटे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2025 ने इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 मई 2025 को रामनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि यात्रा शुरू होने के केवल एक महीने के भीतर 20.50 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं — जो अब तक का सर्वाधिक आँकड़ा है। देशभर से श्रद्धालुओं का तांता लगातार जारी है और पंजीकरण की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खोले गए, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट क्रमशः 22 और 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। कपाट खुलने के बाद से ही भक्तों की असाधारण भीड़ देखी जा रही है, जो पिछले वर्षों के आँकड़ों को पीछे छोड़ रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'हमारी कोशिश है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन करें। उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी व्यवस्था की जा रही है।'
सरकार की व्यवस्थाएँ
राज्य सरकार यात्रा मार्गों पर पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की निरंतर निगरानी कर रही है। हाल ही में इन व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इसके अलावा, यात्रा में प्रयुक्त होने वाले जानवरों के लिए पानी और चारे की भी विशेष व्यवस्था की गई है, और मेडिकल सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं ताकि आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें पूरे यात्रा मार्ग पर हाई अलर्ट पर तैनात हैं।
पर्यटन अर्थव्यवस्था पर असर
उत्तराखंड सरकार के मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शनिवार को कहा था कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सरकार की उम्मीदों से कहीं अधिक रही है। उन्होंने बताया कि इसका सीधा और सकारात्मक असर राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को इस असाधारण भीड़ से विशेष लाभ मिल रहा है।
अन्य धार्मिक स्थलों पर भी रौनक
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि चारधाम के अतिरिक्त आदि कैलाश, माणा, नीति और हिमकुंभ जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुँच रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सरकार धार्मिक पर्यटन को राज्य की आर्थिक रीढ़ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
आगे क्या
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर तक चलती है, जिसका अर्थ है कि आगामी महीनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है। प्रशासन व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने में जुटा है ताकि बढ़ती भीड़ के बावजूद यात्रा सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।