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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया

सारांश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी। 19 अप्रैल से कपाट खुलेंगे। यात्रा के दौरान कई नियमों का पालन होगा।

मुख्य बातें

चारधाम यात्रा का शुभारंभ १९ अप्रैल से होगा।
यात्रा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
गैर-सनातनियों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी विभागों की तैयारी की सराहना की है।

ऋषिकेश, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के लिए प्रस्थान करने वाली बसों को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

हेमंत द्विवेदी ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक सकारात्मक विकास है कि हमारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया है। १९ अप्रैल को मां यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे, जबकि २२ अप्रैल को बाबा केदारनाथ और २३ अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।"

द्विवेदी ने कहा, "मंदिर समिति और शासन-प्रशासन ने मिलकर यात्रियों के लिए एसओपी और पूरा रोड मैप तैयार किया है। मैं राष्ट्र प्रेस के माध्यम से देशभर के यात्रियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत करता हूँ ताकि सभी लोग चारों धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का पुण्य लाभ उठा सकें।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि जब से केंद्र में मोदी की सरकार बनी है, उत्तराखंडवासी सौभाग्यशाली रहे हैं। पीएम मोदी का हमारे राज्य के प्रति गहरा लगाव है। पहले चारधाम यात्रा में कठिनाई होती थी, लेकिन अब शानदार सड़कों का निर्माण हो चुका है। रेलवे कनेक्टिविटी भी जल्द पूरी हो जाएगी। इससे यात्रियों को काफी आराम मिल रहा है।

द्विवेदी ने कहा, "पिछले १० वर्षों में, विशेष रूप से ४ वर्षों में, हमारी सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। हमारा संकल्प है कि यात्रियों को सुरक्षित, सरल, और सुलभ तरीके से दर्शन करवाए जाएं। मंदिर समिति की एडवांस टीम पहले ही धामों में पहुंच चुकी है। लोक निर्माण विभाग, पेयजल, स्वास्थ्य, और चिकित्सा व्यवस्था सहित सभी विभाग पूरी मुस्तैदी से लगे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और आपदा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं।"

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने यात्रा के दौरान मोबाइल फोन और गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। चारधाम क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम है और जगह सीमित होने के कारण दर्शन में असुविधा होती थी। मोबाइल फोन के कारण भीड़ में और ज्यादा परेशानी बढ़ जाती थी। तीर्थ पुरोहितों और यात्रियों के सुझाव पर इस बार मंदिर परिसर में ६० से १०० मीटर तक मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इससे दर्शन सुविधाजनक और शांतिपूर्ण होंगे।

गैर-सनातनियों के प्रवेश पर द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है। आदि शंकराचार्य काल से ही इन धार्मिक क्षेत्रों की पवित्रता बनाए रखने की परंपरा चली आ रही है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री सनातन धर्म की प्राणवायु और आस्था के केंद्र हैं। इनकी पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखने के लिए मंदिर समिति और शासन ने निर्णय लिया है कि मंदिर परिसर और गर्भगृह के आसपास गैर-सनातनियों का पूर्णतः प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शनिवार से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है और १९ अप्रैल से विधिवत रूप से यात्रा प्रारंभ हो रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल जाएंगे। २२ अप्रैल को केदारनाथ और २३ अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। यात्रा सुचारू रूप से चले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से की जा चुकी हैं।

धामी ने कहा, "हम सभी तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और देशभर से आने वाले भक्तों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत करते हैं। हर वर्ष चारधाम यात्रा एक नया मुकाम हासिल करती है। इस वर्ष भी भगवान के आशीर्वाद से यात्रा सफल और सुव्यवस्थित होगी। हम सभी विभागों के साथ मिलकर यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

उन्होंने बताया कि यात्रा को और आसान बनाने के लिए कई समीक्षाएं की गई हैं और सभी प्रबंध किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इस बार भी चारधाम यात्रा एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल उत्तराखंड, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस बार यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा उपायों को लेकर सरकार और मंदिर समिति ने कई नए कदम उठाए हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारधाम यात्रा कब शुरू हो रही है?
चारधाम यात्रा का शुभारंभ १९ अप्रैल से हो रहा है।
कौन से धामों के कपाट कब खुलेंगे?
यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट १९ अप्रैल को, केदारनाथ के २२ अप्रैल को और बद्रीनाथ के २३ अप्रैल को खुलेंगे।
मोबाइल फोन के उपयोग पर क्या नियम हैं?
तीर्थयात्रियों के लिए मंदिर परिसर में ६० से १०० मीटर तक मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
गैर-सनातनियों के प्रवेश पर क्या नियम हैं?
गैर-सनातनियों का मंदिर परिसर और गर्भगृह के आसपास प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं और आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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