मनोज तिवारी का केजरीवाल पर तंज: 'ममता बनर्जी की हार के डर से कर रहे सत्याग्रह का नाटक'
सारांश
Key Takeaways
- मनोज तिवारी ने 29 अप्रैल को कहा कि केजरीवाल का सत्याग्रह ममता बनर्जी की बंगाल में हार के डर की अभिव्यक्ति है।
- तिवारी ने केजरीवाल पर सिस्टम के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
- TMC पर आरोप — कमल निशान पर टेप और हिंसा के बावजूद मतदाताओं ने वोट डाला।
- सौरभ भारद्वाज के राघव चड्ढा की शादी वाले बयान को तिवारी ने 'संस्कारहीन' करार दिया।
- दिल्ली मेयर चुनाव में AAP पार्षदों का अपने सांसदों पर भरोसा नहीं — BJP का दावा।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 29 अप्रैल को नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सत्याग्रह पर कड़ा प्रहार किया। तिवारी ने कहा कि केजरीवाल को डर है कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव हार रही हैं, और उसी तकलीफ को व्यक्त करने के लिए वे सत्याग्रह का नाटक कर रहे हैं।
केजरीवाल के सत्याग्रह पर तिवारी का हमला
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल इस डर से घबराए हुए हैं कि सीएम ममता बनर्जी भी हार रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल जैसे लोग जनता के साथ कभी खड़े नहीं हो सकते, क्योंकि उन्होंने सिस्टम का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया। तिवारी ने यह भी कहा कि सत्याग्रह का यह कदम जनता की भावनाओं से जुड़ने का एक खोखला प्रयास है।
बंगाल चुनाव और हिंसा पर टिप्पणी
तिवारी ने कहा कि कमल के निशान पर टेप लगाने से मतदाताओं को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि हिंसा की खबरें आई हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने निडर होकर मतदान किया। उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) कितनी भी कोशिश करे, जनता को वोट देने से नहीं रोक सकती।
राघव चड्ढा और सौरभ भारद्वाज विवाद
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की शादी को लेकर AAP नेता सौरभ भारद्वाज के बयान पर पलटवार करते हुए तिवारी ने कहा कि ऐसे बयानों से भारद्वाज के संस्कार झलकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी के निजी मामलों में दखल नहीं देना चाहिए और जिन्हें संस्कार सिखाने की जरूरत है, उन्हें पहले खुद देखना चाहिए। तिवारी ने राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में देश का भविष्य देखने के फैसले की सराहना की।
दिल्ली मेयर चुनाव और भाजपा का दावा
दिल्ली मेयर चुनाव के संदर्भ में तिवारी ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के पार्षदों का अपने ही सांसदों पर विश्वास नहीं रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों — बेहतर सड़कें, उन्नत रेलवे और वंदे भारत जैसी ट्रेनें — के कारण भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पार्षदों, सांसदों और आम जनता सभी का समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली नगर निगम में सत्ता संघर्ष तेज हो रहा है। आने वाले दिनों में दिल्ली मेयर चुनाव और बंगाल के चुनावी नतीजे इन सभी दलों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।