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क्या आश्विन मास की दशमी तिथि पर मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करना है विशेष?

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क्या आश्विन मास की दशमी तिथि पर मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करना है विशेष?

सारांश

आश्विन मास की दशमी तिथि पर मंगलवार को बजरंगबली की विशेष पूजा का महत्व जानें। इस दिन हनुमान जी की आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। विशेष मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

मुख्य बातें

आश्विन मास की दशमी तिथि का विशेष महत्व है।
हनुमान जी की पूजा से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
अभिजीत मुहूर्त का ध्यान रखें।
लाल वस्त्र पहनना और पूजा में लाल फूल अर्पित करना शुभ है।
व्रत में केवल एक बार भोजन करें।

नई दिल्ली, 15 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। आश्विन मास की दशमी तिथि मंगलवार को आ रही है। इस दिन आडल और विडाल योग का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।

दृक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव सिंह राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर के 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर 4 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

मंगलवार का यह दिन रामभक्त हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित है।

स्कंद पुराण के अनुसार, बजरंगबली का जन्म इसी दिन हुआ था। बजरंगबली को संकटमोचन और मंगल ग्रह के नियंत्रक के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और चिंताएं दूर होती हैं। साथ ही, मंगल ग्रह से संबंधित ज्योतिषीय बाधाएं भी समाप्त होती हैं।

बजरंगबली के भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना, हनुमान चालीसा का पाठ करना और हनुमान जी को लाल सिंदूरचमेली का तेल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

इस दिन पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें। फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें।

इसके बाद, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं और बजरंग बली की आरती करें। इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम करके प्रसाद ग्रहण करें। साथ ही इस दिन शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।

व्रत में केवल एक बार भोजन करें और नमक का सेवन न करें। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शक्ति और साहस में वृद्धि होती है। इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

मान्यता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है। इस दिन लाल कपड़े पहनना और लाल रंग के फल, फूल और मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है।

ज्योतिषियों का कहना है कि इस दिन हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। हनुमान जी की कृपा से भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास मिलता है।

इस पावन दिन पर हनुमान जी की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

हर भारतीय को अपनी संस्कृति और धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहिए। बजरंगबली की आराधना न केवल व्यक्तिगत कल्याण के लिए है, बल्कि यह समाज में सकारात्मकता और एकता का प्रतीक भी है। हमें इस दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ एकजुटता और सहिष्णुता का संदेश भी फैलाना चाहिए।

RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आश्विन मास की दशमी तिथि का महत्व क्या है?
यह दिन बजरंगबली की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
इस दिन कौन-सी पूजा विधि अपनाई जानी चाहिए?
इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना, लाल वस्त्र पहनना और हनुमान जी को लाल सिंदूर अर्पित करना शुभ होता है।
क्या इस दिन व्रत रखना आवश्यक है?
हां, इस दिन व्रत रखने से शक्ति और साहस में वृद्धि होती है।
राहुकाल का समय क्या है?
इस दिन राहुकाल का समय दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से 4 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
क्या लाल रंग का पहनना जरूरी है?
जी हां, लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है, इसलिए इसे पहनना शुभ माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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