13 अक्टूबर 2026
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असम में पूर्व अग्निवीरों के लिए 12% आरक्षण: 11 यूनिफॉर्म कैटेगरी में CM सरमा का बड़ा फैसला

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असम में पूर्व अग्निवीरों के लिए 12% आरक्षण: 11 यूनिफॉर्म कैटेगरी में CM सरमा का बड़ा फैसला

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 11 यूनिफॉर्म सर्विस कैटेगरी में राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए 12% पद आरक्षित करने की घोषणा की है — अग्निपथ योजना के बाद पुनर्वास की राष्ट्रीय बहस में असम का यह फैसला एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप है।

मुख्य बातें

असम सरकार ने राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए 11 यूनिफॉर्म सर्विस कैटेगरी में 12 प्रतिशत पद आरक्षित करने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 13 अक्टूबर 2026 को एक्स पर इस फैसले की घोषणा की।
अग्निपथ योजना के तहत एक बैच के केवल 25 प्रतिशत कर्मियों को नियमित सेवा में रखा जाता है; शेष नागरिक जीवन में लौटते हैं।
आरक्षण का लाभ विशेष रूप से असम के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा।
11 श्रेणियों की विस्तृत सूची, पात्रता शर्तें और कार्यान्वयन कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि असम सरकार राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए 11 यूनिफॉर्म सर्विस कैटेगरी में 12 प्रतिशत पद आरक्षित करेगी। यह निर्णय सशस्त्र बलों में चार वर्षीय सेवा पूरी कर लौटे कर्मियों को राज्य-स्तरीय रोज़गार से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्यमंत्री की घोषणा

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'असम अपने अग्निवीरों के साथ खड़ा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आरक्षण विशेष रूप से असम के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए है।

सरमा ने कहा, 'उन्होंने गर्व के साथ भारत की सेवा की है। अब, उनके भविष्य को संवारने और सेवा के नए अवसर प्रदान करने की जिम्मेदारी हमारी है।' उनके अनुसार, राज्य सरकार पूर्व अग्निवीरों का समर्थन करने और उनके लिए नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अग्निपथ योजना और पुनर्वास की ज़रूरत

अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में चार वर्ष के लिए भर्ती किए जाने का प्रावधान है। इस योजना में संगठनात्मक आवश्यकताओं और चयन के आधार पर एक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत कर्मियों को नियमित सेवा के लिए बनाए रखने की व्यवस्था है। शेष 75 प्रतिशत कर्मी कार्यकाल समाप्त होने पर नागरिक जीवन में लौट आते हैं, जिनके पुनर्वास की चुनौती देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें पुलिस और अन्य यूनिफॉर्म सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने पर विचार कर रही हैं या घोषणाएँ कर चुकी हैं। असम का यह फैसला उस राष्ट्रव्यापी प्रवृत्ति का हिस्सा है।

योजना का उद्देश्य और महत्व

असम सरकार का यह कदम पूर्व अग्निवीरों की सैन्य सेवा के दौरान अर्जित अनुशासन, प्रशिक्षण और अनुभव का राज्य-स्तरीय यूनिफॉर्म सेवाओं में उपयोग करने का प्रयास है। इससे ये कर्मी सेना से सीधे राज्य सरकार की सेवाओं में योगदान दे सकेंगे।

गौरतलब है कि अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई हिस्सों में आरंभ से ही विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें मुख्य चिंता रोज़गार की अनिश्चितता को लेकर थी। ऐसे में राज्यों द्वारा आरक्षण की घोषणाएँ इन चिंताओं को कुछ हद तक संबोधित करने का प्रयास हैं।

कार्यान्वयन की स्थिति

फिलहाल, आरक्षण के दायरे में आने वाली 11 यूनिफॉर्म श्रेणियों की विस्तृत सूची, पात्रता शर्तें और कार्यान्वयन कार्यक्रम तुरंत उपलब्ध नहीं थे। राज्य सरकार से इन विवरणों को शीघ्र सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।

यह घोषणा देशभर में अग्निवीरों के लिए रोज़गार अवसरों और सेवा के बाद पुनर्वास को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच आई है, और इससे अन्य राज्यों पर भी इसी तरह के कदम उठाने का दबाव बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की पारदर्शिता में होगी — 11 श्रेणियों की सूची, पात्रता मानदंड और भर्ती कार्यक्रम अभी तक सार्वजनिक नहीं हैं। अग्निपथ योजना के विरोध की जड़ में यही अनिश्चितता थी, और महज़ आरक्षण की संख्या घोषित करना उस चिंता का पूर्ण समाधान नहीं है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कई अन्य राज्य इसी तरह की घोषणाएँ कर चुके हैं, जिनमें से कुछ ज़मीन पर उतरने में धीमी रही हैं। असम यदि विस्तृत अधिसूचना और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करे, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक ठोस मॉडल बन सकता है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में पूर्व अग्निवीरों के लिए कितने प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं?
असम सरकार ने 11 यूनिफॉर्म सर्विस कैटेगरी में राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए 12 प्रतिशत पद आरक्षित किए हैं। यह घोषणा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 13 अक्टूबर 2026 को की।
अग्निपथ योजना क्या है और इसमें पुनर्वास की समस्या क्यों है?
अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में चार वर्ष के लिए भर्ती होती है। एक बैच के केवल 25 प्रतिशत कर्मियों को नियमित सेवा में रखा जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत नागरिक जीवन में लौट आते हैं। इन्हीं लौटे हुए कर्मियों के रोज़गार और पुनर्वास को लेकर देशभर में चर्चा जारी है।
क्या यह आरक्षण सभी अग्निवीरों के लिए है?
नहीं, मुख्यमंत्री सरमा के बयान के अनुसार यह आरक्षण विशेष रूप से असम के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए है। दूसरे राज्यों के पूर्व अग्निवीर इस आरक्षण के पात्र नहीं होंगे।
किन 11 यूनिफॉर्म कैटेगरी में यह आरक्षण लागू होगा?
घोषणा के समय 11 यूनिफॉर्म श्रेणियों की विस्तृत सूची, पात्रता शर्तें और कार्यान्वयन कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किए गए थे। राज्य सरकार से जल्द इनका विवरण जारी किए जाने की उम्मीद है।
क्या अन्य राज्यों ने भी पूर्व अग्निवीरों के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं?
हाँ, कई राज्यों ने पुलिस और अन्य यूनिफॉर्म सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणाएँ की हैं या इस पर विचार किया है। असम का फैसला इस राष्ट्रव्यापी प्रवृत्ति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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