असम में विधानसभा चुनाव की तैयारी: निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया

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असम में विधानसभा चुनाव की तैयारी: निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया

सारांश

गुवाहाटी में निर्वाचन आयोग ने असम के जिला निर्वाचन अधिकारियों और अन्य अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। यह सत्र आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए किया गया है, जिसमें चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा पर जोर दिया गया।

Key Takeaways

  • ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया है।
  • चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा पर जोर दिया गया।
  • दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ब्रेल-सक्षम पर्चियां जारी की जाएंगी।
  • मतदाता जागरूकता के लिए अवसर प्रदान किए जाएंगे।
  • चुनाव प्रक्रिया में सभी अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी होगी।

गुवाहाटी, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को असम के जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस कमिश्नरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए एक ऑनलाइन समीक्षा और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। यह सत्र राज्य में ९ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अंतर्गत किया गया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने १८ फरवरी को असम का समीक्षा दौरा करते हुए कहा था कि इस बार के चुनाव पूरी तरह से हिंसा-मुक्त, डर-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त तरीके से कराए जाएंगे, ताकि प्रत्येक वोटर उत्सव जैसी स्थिति में बिना किसी डर या पक्षपात के अपने मत का प्रयोग कर सके। इस दिशा में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला प्रशासन और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की।

सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव योजना के सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। इसमें सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (एएमएफ) को सुनिश्चित करना, ईवीएम का प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनाव कर्मचारियों की ट्रेनिंग, जब्ती और कानून-व्यवस्था की तैयारी, साथ ही वोटर जागरूकता और आउटरीच गतिविधियां शामिल थीं। इसके अतिरिक्त यह भी जोर दिया गया कि पीठासीन अधिकारी मतदान के दौरान फॉर्म १७सी की हस्ताक्षरित प्रतियां मतदान एजेंटों के साथ साझा करें और हर दो घंटे पर तथा मतदान समाप्त होने पर ईसीआईएनईटी ऐप पर वोटर टर्नआउट डेटा अपडेट करें।

जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मतदान से कम से कम पाँच दिन पहले सभी वोटरों को वोटर सूचना पर्चियां (वीआईएस) वितरित करें और हर घर को वोटर गाइड उपलब्ध कराएं। दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ब्रेल-सक्षम वीआईएस भी जारी की जाएंगी।

साथ ही डीईओ को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया गया कि उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा ईसीआईएनईटी के ‘सुविधा’ मॉड्यूल के माध्यम से चुनाव प्रचार से संबंधित अनुमतियों के लिए की गई मांगों का निपटारा २४ घंटे के भीतर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पूरी निष्पक्षता से किया जाए।

असम के कई मतदान केंद्रों की स्थिति, खासकर नदी के किनारे बसे क्षेत्रों को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और बचाव उपायों की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी इस बार चुनाव की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें।

Point of View

लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करता है।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

असम विधानसभा चुनाव कब हो रहे हैं?
असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने वाले हैं।
निर्वाचन आयोग ने किस प्रकार का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया?
निर्वाचन आयोग ने एक ऑनलाइन समीक्षा और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया।
क्या आयोग ने चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
आयोग ने चुनाव को पूरी तरह से हिंसा-मुक्त और पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया है।
क्या दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए कोई विशेष सुविधा है?
हाँ, दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ब्रेल-सक्षम वोटर सूचना पर्चियां जारी की जाएंगी।
मतदान से पहले वोटरों को क्या जानकारी दी जाएगी?
मतदान से कम से कम पांच दिन पहले सभी वोटरों को वोटर सूचना पर्चियां वितरित की जाएंगी।
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