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असम में 22,923 मंदिरों और नामघरों का पुनरुद्धार: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा बयान

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असम में 22,923 मंदिरों और नामघरों का पुनरुद्धार: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा बयान

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने 22,923 मंदिरों और नामघरों का जीर्णोद्धार किया है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण और सुधार है, जिससे वे सांस्कृतिक जीवन के केंद्र बनें।

मुख्य बातें

२२,९२३ मंदिरों और नामघरों का जीर्णोद्धार किया गया है।
इस कार्य के लिए ४३३ करोड़ रुपए का निवेश किया गया है।
मुख्यमंत्री का बयान धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर केंद्रित है।
यह पहल असम की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में सहायक होगी।
यह विकास कार्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किया जा रहा है।

गुवाहाटी, ७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने आस्था और सामुदायिक जीवन के केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए असम में २२,९२३ मंदिरों और नामघरों का जीर्णोद्धार किया है। यह जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि असम के इन धार्मिक संस्थानों में जो सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रखते हैं, उनमें सुविधाओं को सुधारने के लिए ४३३ करोड़ रुपए का निवेश किया गया है।

उन्होंने कहा कि असम में हमारे लिए मंदिर और नामघर केवल पूजा स्थल नहीं हैं, बल्कि वे हमारे समुदायों का हृदय और हमारी परंपराओं की आत्मा हैं।

सरकार की इस पहल का लक्ष्य इन पवित्र स्थलों का संरक्षण और पुनर्निर्माण करना है, ताकि वे राज्यभर में लोगों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जीवन के केंद्र बने रहें।

नामघर, जो १५वीं शताब्दी के संत-सुधारक श्रीमंत शंकरदेव द्वारा स्थापित नव-वैष्णव आंदोलन के तहत बनाए गए पारंपरिक सामुदायिक प्रार्थना स्थल हैं, असम के सामाजिक-धार्मिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

धार्मिक सभाओं के अलावा, ये स्थल गांवों और कस्बों में सांस्कृतिक गतिविधियों, सामुदायिक चर्चाओं और सामाजिक एकता के केंद्र के रूप में भी कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों और नामघरों के बुनियादी ढांचे को सुधारना असम की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और पारंपरिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

सरमा ने कहा कि इन पवित्र स्थलों का नवीनीकरण करके हम उन मूल्यों का सम्मान कर रहे हैं जो हमें विरासत में मिले हैं, और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत बनी रहे।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि विकास कार्यों में इमारतों का जीर्णोद्धार, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और रखरखाव के लिए सहायता शामिल है, ताकि ये संस्थाएं स्थानीय समुदायों की सेवा करती रहें।

यह पहल कई जिलों में लागू की जा रही है, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं, जिसका उद्देश्य असम की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण करना है और साथ ही श्रद्धालुओं और समुदाय के सदस्यों के लिए पहुंच और बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।

राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में असम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े धरोहर स्थलों और संस्थाओं के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में कितने मंदिरों और नामघरों का जीर्णोद्धार किया गया है?
असम में कुल २२,९२३ मंदिरों और नामघरों का जीर्णोद्धार किया गया है।
इस पुनरुद्धार के लिए कितनी राशि का निवेश किया गया है?
इस पुनरुद्धार में ४३३ करोड़ रुपए का निवेश किया गया है।
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार का उद्देश्य इन पवित्र स्थलों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना है।
यह पहल किन क्षेत्रों में लागू की जा रही है?
यह पहल असम के कई जिलों में, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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