असम में वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमान दुर्घटना में दो पायलटों की शहादत पर सीएम हेमंत सोरेन का शोक
सारांश
मुख्य बातें
रांची/गुवाहाटी, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम में वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि असम में हुई इस त्रासदी और वीर वायु सैनिकों के असमय निधन की समाचार से वे अत्यंत दुःखित हैं।
सोरेन ने कहा कि स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर ने अपने देश के लिए जो योगदान और बलिदान दिया है, उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
भारतीय वायु सेना का एक सुखोई-30 एमकेआई विमान असम के कार्बी आंगलोंग जिले में प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा उस क्षेत्र में हुआ जहाँ पहाड़ों और घने जंगलों की भरपूरता थी, और विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार दोनों पायलटों की जान चली गई। यह लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन के तहत गुरुवार शाम को जोरहाट स्थित वायु सेना के एयरबेस से उड़ान भरी थी।
उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान का संपर्क कंट्रोल रूम से टूट गया और वह रडार से अचानक गायब हो गया। इसके बाद वायु सेना और स्थानीय प्रशासन ने त्वरित तलाशी अभियान आरंभ किया। रातभर चले खोज अभियान के बाद शुक्रवार सुबह पहाड़ी क्षेत्र में विमान का मलबा बरामद किया गया।
तलाशी दलों ने घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का आकलन किया और पायलटों के शहीद होने की पुष्टि की। वायु सेना ने इस दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि इसके कारणों का पता लगाया जा सके। इस बीच, देशभर में दोनों शहीद पायलटों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है और उनके साहस एवं समर्पण को याद किया जा रहा है।