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क्या अयोध्या तीर्थ से टेक-स्मार्ट नगरी में बदल रही है?

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क्या अयोध्या तीर्थ से टेक-स्मार्ट नगरी में बदल रही है?

सारांश

क्या अयोध्या तीर्थ से टेक-स्मार्ट नगरी में बदल रही है? विजन-2031 के तहत बन रहा यह नया रामनगरी मॉडल वैश्विक आध्यात्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। जानिए इसके आठ प्रमुख आयामों के बारे में।

मुख्य बातें

अयोध्या का विकास विजन-2031 के तहत हो रहा है।
आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विकास हो रहा है।

अयोध्या, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है, जहां सप्त पुरियों में सबसे पहले पुरी की आध्यात्मिक महत्ता और इक्कीसवीं सदी के आधुनिक शहर की आवश्यकताएँ एक साथ मिलकर नया रूप ले रही हैं। विजन-2031 के अंतर्गत इसे एक वैश्विक आध्यात्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की एक दीर्घकालिक योजना बनाई जा रही है, जिसमें कनेक्टिविटी, स्वच्छता, सुंदर बुनियादी ढांचा, सांस्कृतिक संरक्षण और तकनीक आधारित सेवाएँ आठ प्रमुख आयामों के माध्यम से आकार ले रही हैं।

पहला आयाम है सुगम्य अयोध्या। लगभग ८२१ एकड़ में फैला महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा २२१० मीटर लंबे रनवे और अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम के साथ बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार है, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए वायु मार्ग खुल रहा है।

अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का आधुनिकरण कर इसे जी+२ भवन, ६ प्लेटफार्म और करीब ५०,००० यात्रियों की क्षमता वाले टर्मिनल में बदला गया है। शहर में राम पथ, भक्ति पथ और अन्य प्रमुख मार्गों के विकास ने यात्रा को और भी सुगम बना दिया है।

दूसरा आयाम है आधुनिक अयोध्या। १३३ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र के लिए बनाया गया जीआईएस आधारित मास्टर प्लान-2031 ऑनलाइन भवन नक्शा पासिंग प्रणाली से जुड़ रहा है। २२ प्रमुख चौराहों पर रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन और एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की स्थापना की जा रही है।

तीसरा आयाम है स्वच्छ अयोध्या, जिसमें रामघाट में सीवेज प्रबंधन को बढ़ाने के लिए ६ एमएलडी अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है।

चौथा आयाम है सुरम्य अयोध्या, जिसमें गुप्तार घाट का विकास जल पर्यटन और साहसिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जा रहा है।

पांचवां आयाम है सांस्कृतिक अयोध्या, जहां रामायणकालीन स्थलों का संरक्षण किया जा रहा है।

छठा आयाम है आध्यात्मिक अयोध्या, जिसमें तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए २४ प्रमुख स्थलों पर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

सातवां आयाम है सक्षम अयोध्या, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण किया जा रहा है।

आठवां आयाम है आयुष्मान अयोध्या, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जा रहा है। इन सभी आयामों के साथ, अयोध्या एक नए मॉडल शहर के रूप में उभर रही है, जहां विरासत और विकास का अद्भुत संतुलन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि अयोध्या का यह विकास केवल स्थानीय संदर्भ में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। यह न केवल संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, बल्कि आधुनिकता और तकनीक के साथ सह-अस्तित्व का एक मजबूत उदाहरण भी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या में विकास के प्रमुख आयाम क्या हैं?
अयोध्या के विकास के प्रमुख आठ आयाम हैं: सुगम्य अयोध्या, आधुनिक अयोध्या, स्वच्छ अयोध्या, सुरम्य अयोध्या, सांस्कृतिक अयोध्या, आध्यात्मिक अयोध्या, सक्षम अयोध्या, और आयुष्मान अयोध्या।
क्या अयोध्या में स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हो रही हैं?
हाँ, अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय और अन्य अस्पतालों के विकास के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हो रही हैं।
अयोध्या में किस प्रकार की तकनीकी सेवाएँ उपलब्ध हैं?
अयोध्या में एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम , ऑनलाइन भवन नक्शा पासिंग प्रणाली और हाई-स्पीड वाईफाई जैसी तकनीकी सेवाएँ उपलब्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
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