क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या में हिंदू नववर्ष समारोह में शामिल होंगी?
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का निमंत्रण
- नवसंवत्सर समारोह का महत्व
- 400 श्रमिकों का सम्मान
- चार हजार अतिथियों का आमंत्रण
- सप्त मंदिरों का महत्व
अयोध्या, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रामजन्मभूमि परिसर में वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च को होने वाले नवसंवत्सर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हो सकती हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राष्ट्रपति को इस समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली में निमंत्रण दिया है।
ट्रस्ट के आधिकारिक एक्स हैंडल से किए गए ट्वीट में यह जानकारी दी गई है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2083 के अनुसार, 19 मार्च 2026 को रामजन्मभूमि परिसर में होने वाले कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति को निमंत्रण दिया गया है। इस मौके पर राम मंदिर में कार्यरत 400 श्रमिकों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ट्रस्ट के महामंत्री श्री चंपत राय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्देव गिरी जी, न्यासी कृष्णमोहन और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी उपस्थित रहेंगे।
यह जानकारी भी दी गई है कि नवसंवत्सर समारोह में चार हजार से अधिक अतिथियों को निमंत्रण भेजा जाएगा, जिनमें मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के समर्पित कार्यकर्ता शामिल होंगे।
इससे पहले, 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने विशाल राम मंदिर परिसर में स्थित सप्त मंदिर में पूजा भी की।
ये सात मंदिर महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी को समर्पित हैं।
सप्त मंदिर भगवान राम के जीवन में महत्वपूर्ण रहे इन गुरुओं, भक्तों और सहयोगियों को दर्शाते हैं। इन्हें मंदिर परिसर में स्थान देना उनके स्थायी महत्व और सम्मान को दर्शाता है।