क्या गुजरात सरकार ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर बूचड़खानों को बंद करने का अनुरोध किया?

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क्या गुजरात सरकार ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर बूचड़खानों को बंद करने का अनुरोध किया?

सारांश

गुजरात सरकार ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर सभी बूचड़खानों को बंद करने का अनुरोध किया है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, जो राज्य में शांति और वैभव को बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम है। जानिए इस निर्णय का महत्व और इसके पीछे की वजहें।

Key Takeaways

  • गुजरात सरकार ने 22 जनवरी को बूचड़खानों को बंद रखने का अनुरोध किया है।
  • निर्णय का उद्देश्य धार्मिक भावना का सम्मान करना है।
  • यह कदम राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए है।
  • अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ है।
  • यह निर्णय पिछले वर्षों की परंपरा से मेल खाता है।

गांधीनगर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार ने 22 जनवरी को राज्य के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाले बूचड़खानों को बंद रखने का महत्वपूर्ण अनुरोध किया है। यह निर्णय अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है।

शहरी विकास और शहरी आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में यह बताया गया है कि इस पवित्र अवसर पर राज्य में शांति, सम्मान और धार्मिक भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

संयुक्त सचिव कोमल भट्ट द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में सभी नगर आयुक्तों और नगरपालिका प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि 22 जनवरी को अपने क्षेत्रों में स्थित सभी बूचड़खानों को बंद रखा जाए।

पत्र का विषय 22 जनवरी को अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजकीय बूचड़खानों को बंद करने के संबंध में है। इसमें अनुरोध किया गया है कि इस दिन मांस की बिक्री और संबंधित गतिविधियां न हों, ताकि भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा की याद में पूरे राज्य में पवित्रता और सद्भाव बना रहे।

यह कदम गुजरात में राम मंदिर से जुड़े धार्मिक महत्व को दर्शाता है। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी, और अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इसकी दूसरी वर्षगांठ 22 जनवरी 2026 को ही पड़ रही है। हालांकि, हिंदू पंचांग के अनुसार प्राण-प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी पर हुई थी, जिस कारण कुछ स्थानों पर वर्षगांठ दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 में अलग-अलग मनाई गई, लेकिन गुजरात सरकार ने अंग्रेजी तिथि को आधार बनाकर यह निर्देश जारी किया है।

पत्र में विभिन्न अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजी गई है, जिसमें अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय), मंत्री और राज्य मंत्री (शहरी विकास एवं आवास), गृह विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी आदि शामिल हैं। यह स्पष्ट करता है कि सरकार स्तर पर इस फैसले को गंभीरता से लिया गया है।

यह निर्णय पिछले वर्षों की परंपरा से मिलता-जुलता है, जब राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के दिन गुजरात सहित कई राज्यों में बूचड़खानों और मांस बिक्री पर रोक लगाई गई थी। 2024 में भी गुजरात सरकार ने सरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की थी और बूचड़खानों को बंद रखने का अनुरोध किया था। इस बार भी यह कदम धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और राज्य में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने का प्रयास है।

Point of View

बल्कि पूरे राज्य में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देगा।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात सरकार ने बूचड़खानों को बंद करने का अनुरोध क्यों किया?
यह निर्णय श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए लिया गया है।
बूचड़खाने कब तक बंद रहेंगे?
बूचड़खाने 22 जनवरी को बंद रहेंगे।
क्या यह निर्णय पिछले वर्षों से संबंधित है?
हाँ, यह निर्णय पिछले वर्षों की परंपरा से मिलता-जुलता है, जहाँ इसी दिन बूचड़खानों पर रोक लगाई गई थी।
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