क्या शिवसेना को बदलापुर में बड़ा झटका लगा है? उपशहर प्रमुख प्रवीण राऊत और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल
सारांश
Key Takeaways
- प्रवीण राऊत और सैकड़ों कार्यकर्ताओं का भाजपा में शामिल होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव है।
- भाजपा में शामिल होने से शिवसेना के लिए नए संकट उत्पन्न हो सकते हैं।
- स्थानीय नेतृत्व के प्रति असंतोष का यह संकेत है कि शिवसेना को अपने आंतरिक मुद्दों का समाधान करना होगा।
बदलापुर, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के बदलापुर क्षेत्र में शिवसेना (शिंदे गुट) को एक गंभीर राजनीतिक झटका लगा है। कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद में स्वीकृत नगरसेवक पद को लेकर नाराज चल रहे शिवसेना के उपशहर प्रमुख प्रवीण राऊत ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा का दामन थाम लिया है।
इस प्रवेश कार्यक्रम में विधायक किसन कथोरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा के नगराध्यक्ष रुचिता घोरपड़े, पूर्व नगराध्यक्ष राजेंद्र घोरपड़े, गटनेते शरद तेली और शहराध्यक्ष किरण भोईर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रवीण राऊत के साथ शिवसेना की नगरसेविका दीपाली लामतुरे के पति गणेश लामतुरे ने भी भाजपा में प्रवेश किया, जिससे शिवसेना की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राऊत ने कहा कि उन्होंने 25 वर्षों तक ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया। लेकिन, स्थानीय नेतृत्व से उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को हमेशा दोयम दर्जे का व्यवहार मिला। विधायक किसन कथोरे ने बिना नाम लिए शिवसेना के शहर नेतृत्व पर घराणेशाही और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट में चल रही घराणेशाही को तोड़ने के लिए ही यह कदम उठाया गया है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि हाल ही में हुए नगर परिषद चुनाव में प्रवीण राऊत की पत्नी शीतल राऊत निर्विरोध शिवसेना से नगरसेविका चुनी गईं, जबकि उनकी बहन विजया राऊत भी शिवसेना से निर्वाचित हुई हैं। ऐसे में अब इन तीन नगरसेविकाओं का राजनीतिक समर्थन किस ओर रहेगा, इस पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसके अलावा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के उबाठा क्षेत्र के शहर संपर्क प्रमुख प्रशांत पालांडे ने भी भाजपा में प्रवेश कर लिया है, जिससे शिंदे गुट के लिए चिंता और बढ़ गई है।
वहीं, प्रवीण राऊत को भाजपा से स्वीकृत नगरसेवक पद मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। इस प्रवेश से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदलने की उम्मीद की जा रही है।