बागेश्वर धाम से सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 रवाना, 500 पुलिसकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को औपचारिक रूप से रवाना हो गई। बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में निकली यह 500 किलोमीटर लंबी यात्रा 15 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और बुंदेलखंड के पाँच जिलों से होकर गुज़रेगी। सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम करते हुए पुलिस ने 500 जवानों की तैनाती की है।
यात्रा का मार्ग और स्वरूप
यह रथ यात्रा छतरपुर से शुरू होकर पन्ना, दमोह, सागर और टीकमगढ़ से होती हुई 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में समाप्त होगी। यात्रा में दो मुख्य रथ शामिल हैं — पहले रथ में बालाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित है, जबकि दूसरा रथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लिए एक विशेष वैनिटी वैन के रूप में है। इनके साथ करीब 300 वाहनों का काफिला भी चल रहा है।
यात्रा के दौरान हर 20 किलोमीटर पर श्रद्धालुओं को सात विशेष संकल्प दिलाए जा रहे हैं, जो सामाजिक समरसता, एकता और जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने पर केंद्रित हैं। 11 अक्टूबर को ही दो कार्यक्रम आयोजित हैं और यात्रा के दौरान बीच-बीच में अन्य सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे।
सात संकल्प: यात्रा का मूल उद्देश्य
सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 के अंतर्गत सात प्रमुख संकल्प लिए गए हैं। इनमें भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, जातिवाद और छुआछूत उन्मूलन, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकने, हिंदू तीर्थ स्थलों की सुरक्षा, आने वाली पीढ़ी को सनातन मूल्यों से जोड़ने और समस्त हिंदुओं को एकजुट करने का संकल्प शामिल है।
गौरतलब है कि यह यात्रा अपने तीसरे संस्करण में है, जो पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। पिछले संस्करणों में भी हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे थे।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि पाँच दिवसीय इस यात्रा के लिए 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, 'इस यात्रा में हजारों की संख्या में लोग रहेंगे और स्थानीय स्तर पर भी लोग जुड़ेंगे। इसको देखते हुए पूरे क्षेत्र को सेक्टर में बांटा गया है। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं जिससे यात्रा सुगम बनी रहे।'
सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और बम निरोधक दस्ते भी तैनात किए गए हैं। पूरे यात्रा मार्ग को सेक्टरों में विभाजित कर हर सेक्टर में पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
यात्रा के दौरान बुंदेलखंड के पाँच जिलों — छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर और टीकमगढ़ — में बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को यातायात में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
यह यात्रा बुंदेलखंड में धार्मिक पर्यटन और सामाजिक जागरूकता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 15 अक्टूबर 2026 को टीकमगढ़ में यात्रा के समापन पर एक बड़े धार्मिक समारोह के आयोजन की उम्मीद है।