15 अगस्त 2026
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धीरेंद्र शास्त्री का जेन-जी को संदेश: 'देश और राम की दिशा में गति से भारत बनेगा विश्वगुरु'

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धीरेंद्र शास्त्री का जेन-जी को संदेश: 'देश और राम की दिशा में गति से भारत बनेगा विश्वगुरु'

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बागेश्वर धाम में तिरंगा यात्रा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जेन-जी को देश का सबसे तेज़ और समझदार भविष्य बताया। उनका संदेश — देश और राम की दिशा में यह पीढ़ी जुटे, तो भारत का विश्वगुरु बनना तय है।

मुख्य बातें

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 14 अगस्त 2026 को बागेश्वर धाम, छतरपुर में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया।
शास्त्री ने जेन-जी को देश की 'सबसे तेज और समझदार पीढ़ी' बताते हुए उन्हें देश और राम प्रेम से जोड़ने का आह्वान किया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने हर राष्ट्रवादी से संकल्प माँगा कि 'देशद्रोही भारत में न रहने पाएं।' बारिश के बावजूद यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा' गूँजता रहा।
शास्त्री ने रूढ़िवादी परंपराओं से ऊपर उठकर जेन-जी के साथ खड़े होने और भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 14 अगस्त 2026 को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान जेन-जी पीढ़ी को देश की 'सबसे तेज और समझदार' पीढ़ी करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस पीढ़ी की ऊर्जा देश और राम की दिशा में लगाई जाए, तो भारत का विश्वगुरु बनना सुनिश्चित है।

तिरंगा यात्रा का आयोजन

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बागेश्वर धाम, छतरपुर (मध्य प्रदेश) में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। शास्त्री ने कहा कि बारिश के बावजूद राष्ट्र-प्रेम की लहर को 'इंद्र देव भी नहीं रोक पाए' और यात्रा के दौरान लोगों की जुबान पर 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा' गूँजता रहा। उन्होंने इस दृश्य को 'अद्भुत नजारा' बताया।

जेन-जी पीढ़ी पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'वर्तमान पीढ़ी बहुत ही तेज और समझदार है। इस पीढ़ी में गति है और गति से ही प्रगति होगी। गति की दिशा अगर देश और राम की तरफ होगी, तो निश्चित ही भारत की प्रगति होगी।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जेन-जी देश का भविष्य है और रूढ़िवादी परंपराओं से ऊपर उठकर इस पीढ़ी को देश-प्रेम से जोड़ना होगा।

शास्त्री ने कहा, 'निश्चित रूप से हमें रूढ़ीवादी परंपराओं से ऊपर उठकर, जेन-जी के साथ खड़े होकर, इन्हें देश और राम प्रेम में लगाकर देश को विश्वगुरु बनाना होगा।'

स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रवाद का आह्वान

15 अगस्त 2026 के अवसर पर देशवासियों को संदेश देते हुए शास्त्री ने कहा कि प्रत्येक राष्ट्रवादी विचारधारा के व्यक्ति को संकल्प लेना होगा कि 'देशद्रोही भारत में न रहने पाएं।' उन्होंने कहा, 'जिन्हें तिरंगे से प्यार नहीं, वो हमारा यार नहीं। जो खाते तो भारत का हैं, लेकिन गाते पाकिस्तान का हैं, उन्हें लाहौर की टिकट देनी चाहिए।'

उन्होंने देश की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता बनाए रखने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

आगे क्या

बागेश्वर धाम से उठी यह आवाज़ 80वें स्वतंत्रता दिवस के व्यापक राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनती दिख रही है, जहाँ युवा पीढ़ी को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ने की बात केंद्र में है। शास्त्री के इस संदेश की प्रतिध्वनि सोशल मीडिया पर भी देखी जा रही है, जहाँ जेन-जी स्वयं इस पर प्रतिक्रियाएँ दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'देशद्रोहियों को लाहौर की टिकट' जैसी भाषा विभाजनकारी बनाम एकता के सवाल को भी उठाती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बयानों के सामाजिक प्रभाव को नजरअंदाज करती है — जबकि जेन-जी खुद इन संदेशों को सोशल मीडिया पर बहस के केंद्र में रख रही है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धीरेंद्र शास्त्री ने जेन-जी को क्या संदेश दिया?
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जेन-जी को देश की सबसे तेज और समझदार पीढ़ी बताते हुए कहा कि यदि इस पीढ़ी की गति देश और राम की दिशा में हो, तो भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने रूढ़िवादी परंपराओं से ऊपर उठकर इस पीढ़ी के साथ खड़े होने का आग्रह किया।
बागेश्वर धाम में तिरंगा यात्रा कब और कहाँ निकाली गई?
तिरंगा यात्रा 14 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में निकाली गई। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस यात्रा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री स्वयं शामिल हुए।
धीरेंद्र शास्त्री ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या संकल्प माँगा?
शास्त्री ने हर राष्ट्रवादी विचारधारा के व्यक्ति से संकल्प माँगा कि देशद्रोही भारत में न रहने पाएं। उन्होंने कहा कि जिन्हें तिरंगे से प्यार नहीं, उन्हें 'लाहौर की टिकट' दी जानी चाहिए और देश की एकता व अखंडता बनाए रखना हर भारतीय का कर्तव्य है।
धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार भारत विश्वगुरु कैसे बनेगा?
शास्त्री के अनुसार, जेन-जी की ऊर्जा और गति को यदि देश-प्रेम और राम-भक्ति की दिशा में लगाया जाए, तो भारत का विश्वगुरु बनना तय है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पुरानी रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर कौन हैं?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं, जो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित इस धार्मिक स्थल के प्रमुख संत हैं। वे अपने प्रवचनों और राष्ट्रवादी संदेशों के कारण देशभर में चर्चित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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