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बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' हो: संतोष सुमन ने CM सम्राट चौधरी को सौंपा प्रस्ताव

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बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' हो: संतोष सुमन ने CM सम्राट चौधरी को सौंपा प्रस्ताव

सारांश

बिहार में एनडीए सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने का प्रस्ताव CM सम्राट चौधरी को सौंपा। तर्क है कि यह नीतीश कुमार की जन्मभूमि है और उनके योगदान को सम्मान मिलना चाहिए।

मुख्य बातें

संतोष कुमार सुमन ने 9 सितंबर को पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम 'नीतीशपुर' करने का प्रस्ताव रखा।
प्रस्ताव बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया गया।
सुमन हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री हैं; वे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र हैं।
बख्तियारपुर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मभूमि है — यही इस माँग का मुख्य आधार है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने बुधवार, 9 सितंबर को पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' किए जाने की माँग की। उन्होंने यह प्रस्ताव सीधे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष रखा और आग्रह किया कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाए।

प्रस्ताव की पृष्ठभूमि

बख्तियारपुर, पटना जिले का एक ऐतिहासिक कस्बा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मभूमि है। सुमन ने तर्क दिया कि यह भूमि केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि उस जननेता की स्मृतियों से जुड़ी है जिन्होंने बिहार की राजनीति, विकास और शासन को नई दिशा दी। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने बिहार में कई कार्यकाल तक मुख्यमंत्री पद संभाला और उनके नाम से इस क्षेत्र को पहचान देने की यह पहली औपचारिक राजनीतिक माँग मानी जा रही है।

संतोष सुमन के मुख्य तर्क

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन ने कहा कि नीतीश कुमार की जीवन-यात्रा, उनके संघर्ष और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अनेक स्मृतियाँ बख्तियारपुर की धरती से गहराई से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, किसी महान जननेता की जन्मभूमि को उनके नाम से सम्मानित करना महज नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि उस क्षेत्र के इतिहास, गौरव और जनभावनाओं को सम्मान देने का प्रयास है।

सुमन ने कहा, 'बख्तियारपुर बने नीतीशपुर — यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि उस मिट्टी के गौरव और इतिहास को सम्मान देने का प्रयास होगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को नीतीश कुमार के सार्वजनिक जीवन और योगदान से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगी।

राजनीतिक संदर्भ

एनडीए गठबंधन में शामिल हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की ओर से यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे आकार लेने लगी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के प्रतीकात्मक कदम गठबंधन के भीतर नीतीश कुमार के प्रति समर्थन और निष्ठा प्रदर्शित करने के रूप में भी देखे जा सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में स्थानों के नाम बदलने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।

आम जनता और समाज पर असर

बख्तियारपुर के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज होने की संभावना है। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया में राज्य सरकार की मंजूरी के साथ-साथ केंद्र सरकार की स्वीकृति भी आवश्यक होती है, जो इस प्रस्ताव को व्यावहारिक धरातल पर उतारने में एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया बनाती है।

आगे क्या होगा

फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सुमन ने उनसे इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो यह बिहार में किसी जीवित राजनेता की जन्मभूमि के नाम परिवर्तन का एक उल्लेखनीय राजनीतिक कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब नाम किसी जीवित नेता का हो, तो प्रशासनिक और नैतिक सवाल और जटिल हो जाते हैं।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बख्तियारपुर का नाम 'नीतीशपुर' करने की माँग किसने और क्यों की?
बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने यह माँग की है। उनका तर्क है कि बख्तियारपुर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मभूमि है और उनके बिहार के विकास में योगदान को देखते हुए इस स्थान को उनके नाम से सम्मानित किया जाना चाहिए।
यह प्रस्ताव किसके सामने रखा गया और अब तक क्या प्रतिक्रिया आई है?
संतोष कुमार सुमन ने यह प्रस्ताव बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष 9 सितंबर को रखा। अभी तक मुख्यमंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संतोष कुमार सुमन कौन हैं?
संतोष कुमार सुमन हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री हैं। वे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र हैं और एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं।
बख्तियारपुर का नाम बदलने की प्रक्रिया क्या होगी?
किसी स्थान का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की स्वीकृति भी आवश्यक होती है। यह एक लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया है और अभी यह प्रस्ताव केवल सुझाव के स्तर पर है।
क्या बिहार में पहले भी किसी स्थान का नाम किसी नेता के नाम पर रखा गया है?
बिहार सहित पूरे भारत में ऐतिहासिक हस्तियों के नाम पर स्थानों के नामकरण की परंपरा रही है। हालाँकि, किसी जीवित राजनेता की जन्मभूमि का नाम उन्हीं के नाम पर रखने की यह माँग बिहार में अपेक्षाकृत असामान्य है और इस पर राजनीतिक बहस होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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