बाड़मेर में ऑपरेशन क्लीन: एमडी ड्रग तस्कर का अवैध मकान पुलिस ने जमींदोज़ किया
सारांश
मुख्य बातें
बाड़मेर पुलिस ने शुक्रवार, 19 जून को ऑपरेशन क्लीन के तहत सिंघार गांव (सेडवा, बाड़मेर) में एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग निर्माण मामले के एक मुख्य आरोपी का कथित तौर पर अवैध रूप से सरकारी ज़मीन पर बना पक्का मकान ध्वस्त कर दिया। यह संयुक्त कार्रवाई पुलिस, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग ने मिलकर की, और इसे राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा तथा जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के निर्देशों पर अंजाम दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चुनाराम जाट ने बताया कि ध्वस्त की गई संपत्ति अरबाब खान (पुत्र मूसा खान) की थी, जिसे पहले अवैध एमडी ड्रग निर्माण इकाई से जुड़े नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी मामले में वांछित उसका बेटा करीम खान अभी भी फरार है और पुलिस की नज़र उस पर बनी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करके एक आलीशान पक्का मकान खड़ा किया था। सेडवा स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) द्वारा इस अतिक्रमण की पहचान किए जाने के बाद, इसे हटाने का औपचारिक प्रस्ताव सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को भेजा गया, जिन्होंने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया।
ऑपरेशन का संचालन
पर्याप्त सुरक्षा बल के साथ सिंघार गांव पहुंची संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन और बुलडोज़र की मदद से मकान को जमींदोज़ किया। इस पूरे अभियान की देखरेख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नितेश आर्य की अगुवाई वाली विशेष पुलिस टीम ने की। चोटन सर्कल ऑफिसर जेठाराम और सेडवा एसएचओ प्रभुराम ने भी इसमें सक्रिय सहयोग दिया।
ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई सेडवा एसडीएम बद्रीनारायण, तहसीलदार जोताराम मीणा, सब-तहसीलदार महेंद्र सिंह, असिस्टेंट डेवलपमेंट ऑफिसर प्रहलादराम पंवार और अन्य राजस्व व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।
सरकार की प्रतिक्रिया
एसपी चुनाराम जाट ने स्पष्ट किया कि ज़िला पुलिस ड्रग तस्करों और संगठित अपराध में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध यह सख्त रवैया जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा जाएगा — अवैध गतिविधियों से अर्जित कथित संपत्तियों की पहचान कर उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
आम जनता पर असर
यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब राजस्थान के सीमावर्ती ज़िलों — विशेषकर बाड़मेर — में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी और एमडी जैसे पदार्थों की अवैध निर्माण इकाइयों पर चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े से बनी संपत्ति को ध्वस्त करना एक दोहरा संदेश देता है — अपराध की आर्थिक नींव को कमज़ोर करना और भूमि अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती।
क्या होगा आगे
फरार आरोपी करीम खान की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल अन्य कथित संपत्तियों की भी जाँच की जा रही है। ऑपरेशन क्लीन के तहत आगे भी इसी तरह की कार्रवाइयाँ अपेक्षित हैं।