क्या बैरकपुर कोर्ट ने टीएमसी पार्षद अनुपम दत्ता की हत्या में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया?
सारांश
Key Takeaways
- बैरकपुर कोर्ट ने तीन आरोपियों को अनुपम दत्ता की हत्या में दोषी ठहराया।
- सजा का फैसला 17 दिसंबर को होगा।
- बापी पंडित पर राजनीतिक साजिश का आरोप है।
- हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैलाई।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी।
कोलकाता, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद अनुपम दत्ता की हत्या के मामले में सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया। बैरकपुर जिला अदालत ने इस हत्या कांड में तीन आरोपियों, संजिब उर्फ बापी पंडित, अमित पंडित और जियारुल मंडल को दोषी पाया है। अदालत ने सजा का निर्णय 17 दिसंबर को सुनाने का आदेश दिया है।
यह मामला 13 मार्च 2022 का है। उस दिन अनुपम दत्ता अपने घर के पास अगरपाड़ा स्टेशन रोड पर स्कूटर पर चढ़ने ही वाले थे, तभी उन पर नजदीक से गोली चलाई गई। हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस हत्या ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी और राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया था।
हत्या के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी रात अमित पंडित को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद की जांच में संजिब उर्फ बापी पंडित और जियारुल मंडल को भी गिरफ्तार किया गया। हालांकि, बाद में बापी पंडित को जमानत मिल गई, जिससे उस समय विवाद उत्पन्न हुआ था।
सोमवार को बैरकपुर कोर्ट में सुनवाई के दौरान बापी पंडित भी अदालत में पेश हुए। जैसे ही न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया, बापी पंडित को कोर्ट परिसर से पुनः हिरासत में ले लिया गया। अदालत के फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की जांच में यह सामने आया कि बापी पंडित ने ही अनुपम दत्ता की हत्या की सुपारी दी थी। पहले किसी अन्य अपराधी को यह कार्य सौंपा गया था, लेकिन जब वह असफल रहा, तो नगर निकाय चुनाव के बाद अमित पंडित को इस हत्या को अंजाम देने के लिए लगाया गया।
गौरतलब है कि बापी पंडित को पहले कलकत्ता हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। उस समय पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन अब तीनों आरोपियों के दोषी ठहराए जाने के बाद इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है।
फैसले के बाद जब बापी पंडित को कोर्ट से बाहर ले जाया जा रहा था, तो उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उसने मीडिया से कहा कि उसे जानबूझकर फंसाया गया है और इस मामले में बड़े नेता शामिल हैं।
वहीं, अनुपम दत्ता की पत्नी मीनाक्षी दत्ता भी फैसले के समय अदालत में मौजूद थीं। कोर्ट के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा, “मैं इस निर्णय से खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। मैं उन सभी का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने जांच में सहायता की।”
अब सभी की नजरें 17 दिसंबर पर हैं, जब अदालत यह तय करेगी कि दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी।