क्या बशीरहाट में बांग्लादेशी नागरिक के भारतीय दस्तावेज बनाने का बड़ा खुलासा हुआ?

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क्या बशीरहाट में बांग्लादेशी नागरिक के भारतीय दस्तावेज बनाने का बड़ा खुलासा हुआ?

सारांश

पश्चिम बंगाल में बशीरहाट से जुड़े एक स्थानीय व्यक्ति ने बांग्लादेशी नागरिक के भारतीय दस्तावेज बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह मामला राजनीतिक विवाद का रूप लेगा? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा भारतीय दस्तावेज बनाने की समस्या गंभीर है।
यह मामला बशीरहाट तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के अन्य क्षेत्रों में भी हो रहा है।
स्थानीय निवासी जियाद अली दफादार ने प्रशासन से शिकायत की है।
भाजपा ने इस मामले को उठाया है और इसे टीएमसी पर आरोपित किया है।
इस मामले का राजनीतिक प्रभाव हो सकता है।

बशीरहाट, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। इस व्यक्ति का कहना है कि एक बांग्लादेश से आए नागरिक ने उसके नाम का उपयोग करके भारतीय दस्तावेज तैयार करवा लिए हैं। वह बांग्लादेशी नागरिक को उसके देश वापस भेजने के पक्ष में हैं।

स्थानीय निवासी जियाद अली दफादार ने कहा, "महाबुर दफादार मेरा बेटा नहीं है, वह बांग्लादेशी है। यहाँ आकर उसने मेरी पत्नी से मिलने के बाद मेरे वोटर कार्ड और आधार कार्ड का उपयोग करके मुझे गलत तरीके से अपना पिता दर्शाया और अपने लिए वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया।"

जियाद अली दफादार ने स्पष्ट किया कि वह उस लड़के को नहीं रखना चाहते और उसे बांग्लादेश वापस भेजने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया से पहले प्रशासनिक अधिकारियों से दोबारा संपर्क किया है।

वर्तमान में, जियाद अली दफादार ने भाजपा के स्थानीय नेताओं से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्या के बारे में बताया। भाजपा के स्थानीय नेता ने कहा कि यह सिर्फ बशीरहाट की कहानी नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में यही स्थिति है।

बशीरहाट संगठनात्मक जिले के भाजपा अध्यक्ष सुकल्याण वैद्य ने दावा किया कि टीएमसी के स्थानीय नेताओं ने बांग्लादेशी नागरिक महाबुर दफादार की मदद की और भारतीय कागजात बनवाए। इसीलिए उसका नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि महाबुर दफादार जैसे बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल में आकर राज्य और केंद्र की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

सुकल्याण वैद्य ने कहा कि जियाद अली दफादार ने महाबुर दफादार के खिलाफ 2022 और 2024 में ब्लॉक के अधिकारियों के पास बार-बार शिकायत की थी और मतदाता सूची से उसका नाम हटाने की मांग की थी।

उन्होंने बताया कि जियाद अली दफादार ने उनसे मुलाकात की और उन्होंने एसडीओ को एक लिखित शिकायत भी दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राज्य के अन्य भागों में भी देखने को मिलती है। इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है ताकि सही नीतियों को विकसित किया जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाबुर दफादार कौन है?
महाबुर दफादार एक बांग्लादेशी नागरिक है, जिसने एक स्थानीय व्यक्ति के नाम का उपयोग करके भारतीय दस्तावेज बनवाए।
जियाद अली दफादार ने क्या शिकायत की है?
जियाद अली दफादार ने स्थानीय प्रशासन से शिकायत की है कि महाबुर दफादार ने उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया।
भाजपा का इस मामले में क्या कहना है?
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसे राज्य के सीमावर्ती इलाकों की समस्या बताया है।
क्या यह मामला राजनीतिक विवाद बना सकता है?
हां, यह मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है, खासकर जब इसमें टीएमसी और भाजपा का नाम शामिल है।
क्या प्रशासन ने इस मामले पर कोई कार्रवाई की है?
जियाद अली दफादार ने प्रशासन से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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