क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की और बस्तर पंडुम 2026 में आमंत्रित किया?

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क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की और बस्तर पंडुम 2026 में आमंत्रित किया?

सारांश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर बस्तर पंडुम 2026 में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह महोत्सव जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास है। जानें इस महोत्सव की विशेषताएँ और मुख्यमंत्री साय का दृष्टिकोण।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति मुर्मू को बस्तर पंडुम 2026 में आमंत्रित किया।
  • यह महोत्सव जनजातीय संस्कृति के संरक्षण का प्रयास है।
  • प्रतियोगिताएँ तीन चरणों में आयोजित की जाएंगी।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ में होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए पोस्ट किया गया, "छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।"

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम 2026 राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित होगा: जनपद स्तर (10-20 जनवरी), जिला स्तर (24-29 जनवरी) और संभाग स्तर (1-5 फरवरी 2026)। आयोजन पूरे बस्तर संभाग के 7 जिलों में 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों और विभिन्न नगर निकायों में होगा।

इस वर्ष प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ाकर 12 की गई है, जिसमें लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण, आदिवासी नाटक, वन-आधारित औषधीय ज्ञान आदि शामिल हैं। पिछले वर्ष के सफल आयोजन की तरह इस बार भी केंद्र सरकार के गृह मंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और विभिन्न देशों के राजदूतों को आमंत्रित किया जाएगा।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने इस जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव की सराहना की और बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

ज्ञात हो कि बस्तर पंडुम का शुभारंभ दंतेश्वरी मंदिर परिसर में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से किया गया है। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास है, जहां पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह ने समापन समारोह में भाग लिया था।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने भी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य मुलाकात की।

Point of View

बल्कि यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम भी है। राज्य सरकार की योजनाएँ जनजातीय समुदायों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इस महोत्सव का आयोजन इसे और अधिक प्रगति की ओर ले जाएगा।
NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

बस्तर पंडुम 2026 क्या है?
बस्तर पंडुम 2026 छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाला एक राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव है।
इस महोत्सव में कौन-कौन सी प्रतियोगिताएँ होंगी?
इस महोत्सव में लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण, आदिवासी नाटक, वन-आधारित औषधीय ज्ञान आदि प्रतियोगिताएँ होंगी।
बस्तर पंडुम का शुभारंभ कब होगा?
बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10-20 जनवरी से शुरू होगा।
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