क्या बांग्लादेशी खिलाड़ी के खिलाफ बीसीसीआई का निर्णय सराहनीय है? - इकबाल अंसारी

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क्या बांग्लादेशी खिलाड़ी के खिलाफ बीसीसीआई का निर्णय सराहनीय है? - इकबाल अंसारी

सारांश

इकबाल अंसारी ने बीसीसीआई के बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर को हटाने के निर्णय का समर्थन किया है। उन्होंने इसे इंसानियत की परवाह न करने वाले देश के साथ संबंधों के लिए उचित बताया। यह मामला खेल, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर नई बहस को जन्म देता है।

Key Takeaways

  • बीसीसीआई ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने का निर्णय लिया है।
  • इकबाल अंसारी ने इस निर्णय का समर्थन किया है।
  • बांग्लादेश की हालिया गतिविधियां हिंदू-मुस्लिम मनमुटाव पैदा कर रही हैं।
  • महंत सीताराम दास ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
  • यह मामला खेल, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बहस को जन्म देता है।

अयोध्या, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने का आदेश दिया, जिसे बाबरी मस्जिद के पूर्व मुद्दई इकबाल अंसारी ने सराहा है। उन्होंने इसे एक उचित कदम बताया।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि बांग्लादेश की टीम को सस्पेंड करना सही है, क्योंकि ऐसे देश के साथ संबंध बनाए रखना उचित नहीं है, जो इंसानियत की परवाह नहीं करता। उन्होंने बताया कि भारत कानून के राज पर चलता है और इस प्रकार के निर्णय उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इकबाल अंसारी ने कहा कि देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना सद्भाव के लिए आवश्यक है, लेकिन बांग्लादेश की हालिया गतिविधियों ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच मनमुटाव को जन्म दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सभी पर समान कानून लागू होते हैं, चाहे व्यक्ति किसी भी धर्म से संबंधित हो, और इसी आधार पर ऐसे मामलों में सख्त निर्णय लेने चाहिए।

वहीं, अयोध्या धाम में साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को सस्पेंड करने और शाहरुख खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग से एक मजबूत संदेश दिया गया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाहरुख खान पर भारत में अर्जित धन का उपयोग देश विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई एक स्पष्ट संकेत है।

महंत ने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे शाहरुख खान की फिल्मों का बहिष्कार करें। उन्होंने कहा कि भारत को हानि पहुंचाने की साजिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें देशद्रोह के मामले दर्ज करने और दोषी पाए जाने पर जेल की सजा भी शामिल हो। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर खेल, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर देश में बहस को तेज कर दिया है।

Point of View

यह निर्णय न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में भी महत्वपूर्ण है। यह कदम भारत की सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है। हमें उम्मीद है कि ऐसे निर्णय भविष्य में भी समानता और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होंगे।
NationPress
22/02/2026

Frequently Asked Questions

इकबाल अंसारी ने बीसीसीआई के निर्णय का समर्थन क्यों किया?
इकबाल अंसारी ने कहा कि यह निर्णय उचित है क्योंकि बांग्लादेश जैसे देश के साथ संबंध बनाए रखना सही नहीं है।
महंत सीताराम दास महाराज ने इस मामले पर क्या कहा?
महंत ने कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटर को सस्पेंड करने से एक कड़ा संदेश दिया गया है।
शाहरुख खान पर आरोप क्या लगाए गए हैं?
उन पर आरोप है कि वे भारत में अर्जित धन का उपयोग देश विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं।
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