क्या बेल्लारी हिंसा मामले में भाजपा का प्रदर्शन सही है?
सारांश
Key Takeaways
- बेल्लारी में हिंसा ने राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।
- भाजपा ने कांग्रेस विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है।
- कर्नाटक में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- सीबीआई जांच की मांग से मामला और भी गंभीर हो गया है।
बेल्लारी, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बेल्लारी में हाल ही में हुई हिंसक झड़प में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मृत्यु के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी की गिरफ्तारी और मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है।
यह झड़पें बेल्लारी में बैनर और पोस्टर लगाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई थीं, जिसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की जान चली गई।
कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी ने कहा, "यह बेल्लारी के लोगों के लिए दुखद दिन है, क्योंकि बीते 15 दिनों में जो भी हुआ है, वह सब नाकाम रहा है। हम कर्नाटक कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक बड़ी रैली कर रहे हैं। हमारी मांग है कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इस पूरी घटना में न्याय सुनिश्चित किया जाए।"
भाजपा के एमएलसी एन. रविकुमार ने कहा कि सीबीआई ने पहले ही कॉर्पोरेशन में भ्रष्टाचार के मामले में नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने सरकार की ओर से भरत रेड्डी की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि जब से सिद्धारमैया सरकार आई है, कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है।
उन्होंने आगे कहा, "जनार्दन रेड्डी के घर पर कांग्रेस के विधायक भरत रेड्डी के गनमैन द्वारा लगातार फायरिंग की गई थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि भरत रेड्डी ने अधिकारियों के प्रति अपशब्द कहे और उनके बेटे ने एक महिला अधिकारी से बदतमीजी की, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। भाजपा नेता ने कहा कि कर्नाटक में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और नेता जनार्दन रेड्डी समेत कई नेताओं ने हिंसा में मारे गए कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान जनार्दन रेड्डी की पत्नी अरुणा लक्ष्मी ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा।