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बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की चेतावनी: 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे

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बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की चेतावनी: 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे

सारांश

कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाने वालों को खुली चेतावनी दी — कहा, ऐसे लोग बेदाग घर नहीं लौटेंगे। शहीद लेफ्टिनेंट कनाद भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि के मंच से दिया यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है।

मुख्य बातें

बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कारगिल विजय दिवस पर 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाने वालों को कड़ी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों को सरकारी अस्पतालों के जरिए जड़ से उखाड़कर घर भेजा जाएगा।
यह बयान 1999 कारगिल युद्ध के शहीद लेफ्टिनेंट कनाद भट्टाचार्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के दौरान दिया गया।
भट्टाचार्य ने कम्युनिस्टों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कट्टरपंथियों को राज्य में घुसपैठ करने में मदद की।
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी इससे पहले राष्ट्रविरोधी नारे लगाने वालों को चेतावनी दे चुके हैं।

पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने 27 जुलाई 2025 को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य में 'कश्मीर मांगे आजादी' तथा 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्रद्धांजलि समारोह में दी चेतावनी

भट्टाचार्य ने भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट की 8वीं बटालियन के शहीद लेफ्टिनेंट कनाद भट्टाचार्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए यह बात कही। लेफ्टिनेंट कनाद भट्टाचार्य 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले पहले जवानों में से एक थे। इस भावुक अवसर पर समिक भट्टाचार्य ने कहा कि जो लोग 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे लगाते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें 'सरकारी अस्पतालों के जरिए' जड़ से उखाड़कर घर भेजा जाएगा।

राष्ट्रविरोधी ताकतों पर सख्त रुख

भट्टाचार्य ने आगे कहा कि 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' या 'कश्मीर मांगे आजादी' जैसे नारे लगाकर कोई भी बेदाग घर नहीं लौटना चाहिए। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में राष्ट्रविरोधी तत्व एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और पुलिस बलों को कानून को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई न बरती जाए।

कम्युनिस्टों पर तीखा हमला

इस अवसर पर समिक भट्टाचार्य ने भारतीय कम्युनिस्टों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कम्युनिस्टों ने राज्य को टुकड़ों में बांटने में सहयोग किया और कट्टरपंथियों को पिछले दरवाजे से घुसपैठ करने में मदद की। उनका कहना था कि इन्हीं नीतियों के कारण आज राज्य में राष्ट्रविरोधी शक्तियाँ फिर से सिर उठा रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष की पूर्व चेतावनी

यह ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी 'आजादी' के नारे लगाने वालों को चेतावनी दी थी। अधिकारी ने कहा था कि भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिल चुकी है और नारे लगाने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, किंतु राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त किसी को भी वे पश्चिम बंगाल से जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। गौरतलब है कि BJP का यह रुख राज्य में बढ़ती राजनीतिक तनातनी के बीच आया है।

आगे क्या होगा

कारगिल विजय दिवस पर दी गई इस चेतावनी के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है। BJP के इस आक्रामक रुख से पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में BJP की रणनीतिक पुनर्स्थापना की कोशिश का हिस्सा है — जहाँ पार्टी 'राष्ट्रवाद बनाम राष्ट्रविरोध' की धुरी पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है। 'सरकारी अस्पतालों के जरिए' जैसी भाषा कानूनी सीमाओं को लेकर सवाल उठाती है और विपक्ष को पलटवार का अवसर देती है। गौरतलब है कि कारगिल जैसे भावनात्मक अवसरों पर इस तरह के बयान जनमत को प्रभावित करने में अधिक सक्षम होते हैं, लेकिन जब तक इन्हें ठोस प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन नहीं मिलता, ये केवल राजनीतिक संदेश बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समिक भट्टाचार्य ने 'कश्मीर मांगे आजादी' के नारे पर क्या कहा?
बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि 'कश्मीर मांगे आजादी' या 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाने वाले बेदाग घर नहीं लौटेंगे और उन्हें सरकारी अस्पतालों के जरिए जड़ से उखाड़ा जाएगा। यह बयान उन्होंने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर दिया।
यह बयान किस अवसर पर दिया गया?
यह बयान 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीद लेफ्टिनेंट कनाद भट्टाचार्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के दौरान दिया गया। लेफ्टिनेंट कनाद भट्टाचार्य 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले पहले जवानों में से एक थे।
सुवेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे पर क्या कहा था?
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि नारे लगाने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, लेकिन राष्ट्रविरोधी गतिविधि करने वालों को वे पश्चिम बंगाल से जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि भारत को 1947 में ही स्वतंत्रता मिल चुकी है।
समिक भट्टाचार्य ने कम्युनिस्टों पर क्या आरोप लगाए?
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि कम्युनिस्टों ने राज्य को टुकड़ों में बांटने में मदद की और कट्टरपंथियों को पिछले दरवाजे से घुसपैठ करने में सहयोग किया। उनके अनुसार इसी कारण आज राज्य में राष्ट्रविरोधी तत्व फिर से सक्रिय हो गए हैं।
पश्चिम बंगाल में BJP का राष्ट्रविरोधी नारों पर क्या रुख है?
BJP ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस बलों को कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी के दोनों प्रमुख नेताओं — समिक भट्टाचार्य और सुवेंदु अधिकारी — ने इस विषय पर एकसमान कड़ा रुख अपनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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