बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम और रेजिनगर में 79% से अधिक मतदान, धांधली-गिरफ्तारी के बीच मतदान संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम (पूर्वी मिदनापुर) और रेजिनगर (मुर्शिदाबाद) विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव का मतदान मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को शाम 6 बजे संपन्न हुआ। शाम 5 बजे तक औसत मतदान प्रतिशत 78.90% दर्ज किया गया — रेजिनगर में 78.42% और नंदीग्राम में 79.39%। दोनों क्षेत्रों में कुछ मतदान केंद्रों पर शाम 6 बजे के बाद भी कतारों में खड़े मतदाताओं के लिए मतदान जारी रहा, जिससे अंतिम आँकड़ा 80% से ऊपर जाने का अनुमान है।
मुख्य घटनाक्रम
दिन की सबसे चर्चित घटना मतदान के पहले ही घंटे में सामने आई, जब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक एवं विधायक हुमायूं कबीर को मतदाताओं को प्रभावित करने, ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी का कॉलर पकड़ने और पुलिसकर्मियों को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी दोनों क्षेत्रों में दिनभर चली छिटपुट घटनाओं की सबसे गंभीर कड़ी रही।
गौरतलब है कि दिनभर मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी धांधली की छिटपुट घटनाओं की सूचनाएँ आती रहीं। अंतिम मतदान प्रतिशत मंगलवार रात या बुधवार सुबह तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
दलों की प्रतिक्रियाएँ
कांग्रेस और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) — दोनों ने दिन के अंत में रेजिनगर और नंदीग्राम के कुछ मतदान केंद्रों पर पूर्ण पुनर्मतदान की माँग की। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य नेतृत्व ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। भाजपा का कहना है कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार को मतदान उत्सव के माहौल में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
उम्मीदवारों का आत्मविश्वास
नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ और रेजिनगर से भाजपा उम्मीदवार शाखारव सरकार ने अपने-अपने क्षेत्रों में आरामदायक जीत का दावा किया है।
दूसरी ओर, पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष एवं पाँच बार के लोकसभा सदस्य अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि रेजिनगर से कांग्रेस उम्मीदवार की जीत की प्रबल संभावना है। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि इसीलिए कथित तौर पर सत्ताधारी भाजपा समर्थकों ने पुलिस की मदद से रेजिनगर में बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताएँ की।
नंदीग्राम का ऐतिहासिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम पहले से ही राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील सीट मानी जाती है — 2021 के विधानसभा चुनाव में यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के बीच हुई करीबी टक्कर ने राष्ट्रीय ध्यान खींचा था। इस उपचुनाव में भी यहाँ का राजनीतिक तापमान ऊँचा रहा।
आगे क्या होगा
मतगणना की तारीख की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जाएगी। पुनर्मतदान की माँग पर पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का कार्यालय आवश्यक समीक्षा करेगा। दोनों सीटों के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत देंगे।