पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने 14,454 नई भर्तियों को मंजूरी दी, 11 अक्टूबर को 12,000 कांस्टेबलों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने 5 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में 14,454 नई भर्तियों को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि सभी भर्तियों की प्रक्रिया अगले छह से आठ महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य में रोज़गार का मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
किन विभागों में होंगी भर्तियाँ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ये 14,454 पद राज्य के पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन सेवा, जेल विभाग, गृह विभाग और पर्वतीय मामलों के विभाग समेत अनेक विभागों में भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि समूची प्रक्रिया पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग और पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती बोर्ड के माध्यम से पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी।
12,000 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र — 11 अक्टूबर को
पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस में 12,000 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वे 11 अक्टूबर 2026 को इन सभी कांस्टेबलों को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इससे एक दिन पहले, 10 अक्टूबर को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न पुलिस थानों को 400 नई पुलिस गाड़ियाँ और 400 मोटरसाइकिलें सौंपी जाएंगी।
सरकार का एक लाख नौकरियों का वादा और राजनीतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार एक लाख नई नौकरियाँ देने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पिछली राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने नौकरियाँ देने के बजाय उन्हें बेचा और उनमें भ्रष्टाचार किया। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ है, जिसके बाद नई सरकार रोज़गार को अपनी प्राथमिकता बता रही है।
सफाई कर्मचारियों और SC/ST छात्रों के भत्ते में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने भूमि एवं भूमि सुधार और शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास विभाग के कॉन्ट्रैक्ट सफाई कर्मचारियों का मासिक भत्ता ₹5,000 से बढ़ाकर ₹8,000 करने का निर्णय लिया, जो अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही, हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों का मासिक भत्ता ₹1,800 से बढ़ाकर ₹3,300 कर दिया गया है — यह वृद्धि भी अक्टूबर से प्रभावी होगी।
सिस्टर निवेदिता योजना: छात्राओं के लिए नई आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने सिस्टर निवेदिता योजना की घोषणा की, जिसके तहत मौजूदा शैक्षणिक वर्ष से प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली अविवाहित छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले वर्ष ₹17,000 और दूसरे वर्ष ₹16,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना राज्य सरकार की महिला शिक्षा को प्रोत्साहन देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। आने वाले महीनों में इन सभी फैसलों के क्रियान्वयन से स्पष्ट होगा कि सरकार के ये वादे ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।