क्या बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी को बड़ा झटका लगा है? सांसद मौसम नूर ने कांग्रेस में वापसी की!
सारांश
Key Takeaways
- मौसम नूर ने टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में वापसी की है।
- पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गर्म है।
- कांग्रेस ने मौसम नूर का स्वागत किया है।
- टीएमसी की प्रतिक्रिया अभी तक स्पष्ट नहीं है।
- मौसम नूर की वापसी से कांग्रेस को मजबूती मिल सकती है।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसी बीच, शनिवार को सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सदस्य मौसम नूर ने टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में वापसी की है।
मौसम नूर पहले भी कांग्रेस का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मैं लगभग छह साल बाद आज ऑफिस आई हूं। जयराम रमेश और कई वरिष्ठ नेता हमारे साथ हैं। मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे सम्मान के साथ वापस लिया।"
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस में लौटना मेरे लिए घर लौटने जैसा है। मैं दिल से बहुत खुश हूं। मैं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे फिर से काम करने का अवसर दिया है। मैं पश्चिम बंगाल और मालदा में कांग्रेस को मजबूत करने की पूरी कोशिश करूंगी।"
मौसम नूर के टीएमसी छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी नेता इस पर प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए, जबकि कांग्रेस ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम मानते हुए नूर का स्वागत किया।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "हमारी शीर्ष नेतृत्व इस मामले की समीक्षा कर रही है।"
कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा, "यह कांग्रेस और पश्चिम बंगाल के युवाओं के लिए खुशी का पल है। मौसम नूर, जिनकी जड़ें हमेशा कांग्रेस में रही हैं, पार्टी में वापस आई हैं।"
गुलाम अहमद मीर ने बताया, "वह मालदा दक्षिण से दो बार लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं और राज्यसभा में भी कार्य कर चुकी हैं। मुझे यकीन है कि उनकी वापसी से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।"
कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी ने कहा, "हम बहुत खुश हैं। यह सिर्फ पार्टी के नेताओं की मांग नहीं है, बल्कि मालदा के लाखों लोगों की भी यही इच्छा थी कि परिवार एक-दूसरे के खिलाफ ना काम करें।"