13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बेंगलुरु में ₹3.17 करोड़ का गांजा बरामद, ओडिशा-केरल रूट पर तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बेंगलुरु में ₹3.17 करोड़ का गांजा बरामद, ओडिशा-केरल रूट पर तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार

सारांश

बेंगलुरु में पुलिस ने ₹3.17 करोड़ मूल्य का 317 किलो गांजा बरामद किया। केरल के दो आरोपी ओडिशा से सस्ते में खरीदकर कुमारमंगलम में महँगे दाम पर बेचने की फिराक में थे — और बेंगलुरु उनके लिए महज़ एक पड़ाव था।

मुख्य बातें

कुंबलगोडु पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को कंबीपुरा, बेंगलुरु में 317 किलोग्राम गांजा बरामद किया।
जब्त गांजे की बाजार कीमत ₹3.17 करोड़ ; खरीद मूल्य ₹1.78 करोड़ बताया गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर ओडिशा से गांजा खरीदकर केरल के कुमारमंगलम में बेचने की योजना बनाई थी।
दोनों आरोपी केरल के हैं; NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
मामले में ओडिशा में गांजा आपूर्तिकर्ता समेत पूरे नेटवर्क की जाँच जारी है।

बेंगलुरु की कुंबलगोडु पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को केरल के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जो ओडिशा से 317 किलोग्राम गांजा एक किराए की कार में छुपाकर बेंगलुरु के रास्ते केरल ले जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की खरीद मूल्य ₹1.78 करोड़ और अनुमानित बाजार कीमत ₹3.17 करोड़ बताई गई है।

मुख्य घटनाक्रम

11 अक्टूबर को पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि एक कार में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ ओडिशा से केरल की ओर बेंगलुरु के रास्ते ले जाया जा रहा है। इसी आधार पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

अगले दिन, 12 अक्टूबर को पुलिस की टीम ने कंबीपुरा स्थित ईदगाह मैदान के निकट उस कार को रोका। वाहन की तलाशी में लगभग 317 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसे कार सहित जब्त कर लिया गया।

आरोपियों का मार्ग और योजना

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे 6 अक्टूबर को केरल से बेंगलुरु आए और आरटी नगर से सेल्फ-ड्राइव किराए की कार ली। इसके बाद वे ओडिशा गए, जहाँ एक अज्ञात व्यक्ति से कम कीमत पर यह गांजा खरीदा गया।

11 अक्टूबर को वापस बेंगलुरु पहुँचकर दोनों आरोपी बोम्मसंद्रा के एक होटल में रुके। पुलिस के मुताबिक, उनकी योजना इस गांजे को केरल के कुमारमंगलम में ग्राहकों को अधिक कीमत पर बेचने की थी — जो खरीद मूल्य और बाजार मूल्य के बीच करीब ₹1.39 करोड़ के अंतर से स्पष्ट होता है।

पुलिस की निगरानी और नेतृत्व

यह कार्रवाई दक्षिण-पश्चिम डिवीजन की पुलिस उपायुक्त सौम्यलता एसके के मार्गदर्शन और केंगेरी सब-डिवीजन की सहायक पुलिस आयुक्त सत्यवती केएस की निगरानी में हुई। कुंबलगोडु पुलिस निरीक्षक कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने गिरफ्तारी को अंजाम दिया।

गौरतलब है कि बेंगलुरु ओडिशा-केरल तस्करी मार्ग का एक प्रमुख पारगमन केंद्र बनता जा रहा है, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बढ़ती चुनौती है।

आगे की जाँच

पुलिस ने बताया कि गांजे की खरीद, परिवहन और बिक्री नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं। ओडिशा में गांजा बेचने वाले अज्ञात व्यक्ति की तलाश भी की जा रही है। मामले की जाँच फिलहाल जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क की झलक है जो ओडिशा के उत्पादन केंद्रों को केरल के उपभोक्ता बाजारों से जोड़ता है और बेंगलुरु को पारगमन धुरी के रूप में इस्तेमाल करता है। सेल्फ-ड्राइव किराए की कार का उपयोग पुलिस की नज़र से बचने की एक नई रणनीति की ओर इशारा करता है। असली सवाल यह है कि ओडिशा में गांजा बेचने वाला 'अज्ञात व्यक्ति' कब तक अज्ञात रहेगा — क्योंकि जब तक आपूर्ति शृंखला की जड़ नहीं काटी जाती, ऐसी गिरफ्तारियाँ महज़ शाखाएँ छाँटने जैसी हैं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में कितने किलो गांजा बरामद हुआ और इसकी कीमत क्या है?
कुंबलगोडु पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को 317 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस के अनुसार इसकी खरीद कीमत ₹1.78 करोड़ और अनुमानित बाजार मूल्य ₹3.17 करोड़ है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका रूट क्या था?
दोनों आरोपी केरल के निवासी हैं। वे 6 अक्टूबर को बेंगलुरु आए, आरटी नगर से किराए की कार ली, ओडिशा से गांजा खरीदा और बेंगलुरु के रास्ते केरल के कुमारमंगलम में इसे बेचने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार भी जब्त कर ली गई है।
इस मामले की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
पुलिस ने बताया कि ओडिशा में गांजा आपूर्तिकर्ता समेत पूरे तस्करी नेटवर्क की पहचान के प्रयास जारी हैं। मामले की जाँच फिलहाल चल रही है।
इस कार्रवाई की निगरानी किसने की?
यह कार्रवाई दक्षिण-पश्चिम डिवीजन की पुलिस उपायुक्त सौम्यलता एसके के मार्गदर्शन और केंगेरी सब-डिवीजन की सहायक पुलिस आयुक्त सत्यवती केएस की निगरानी में की गई। गिरफ्तारी कुंबलगोडु पुलिस निरीक्षक कुमार के नेतृत्व में हुई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले