क्या बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामले में एनआईए ने चार्जशीट दायर की?
सारांश
Key Takeaways
- एनआईए ने बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामले में चार्जशीट दायर की है।
- चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आरोपी शामिल हैं।
- आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं, जो देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।
- जांच प्रक्रिया निरंतर जारी है और और खुलासों की संभावना है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 के बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है।
एनआईए द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को दायर की गई दूसरी पूरक चार्जशीट में अनीस फातिमा, चान पाशा ए और डॉ. नागराज एस के नाम शामिल हैं। एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और कर्नाटक जेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
एनआईए ने अक्टूबर 2023 में इस मामले को स्थानीय पुलिस से अपने अधीन ले लिया था। इससे पहले, एजेंसी ने इस केस में फरार आरोपी जुनैद अहमद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। यह मामला मूल रूप से जुलाई 2023 में बेंगलुरु सिटी पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें शहर में आतंकवादी गतिविधियों की योजना का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए थे।
एनआईए के अनुसार, आरोपी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से बेंगलुरु में आतंकवादी हमले की योजना बना रहे थे। ये गतिविधियाँ लश्कर-ए-तैयबा के हितों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही थीं और इनका उद्देश्य कई आतंकवादी मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे टी नसीर को जेल से अदालत ले जाते समय भगा देने की साजिश को अंजाम देना था। टी नसीर 2008 के बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट मामलों में उस समय अंडर ट्रायल कैदी था।
हाल में जिन तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है, उनमें अनीस फातिमा की पहचान फरार आरोपी जुनैद अहमद की मां के रूप में हुई है। जांच में यह सामने आया कि उसने बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बंद टी नसीर को लॉजिस्टिक सपोर्ट और फंड मुहैया कराए। वह अपने बेटे के निर्देश पर हैंड ग्रेनेड और वॉकी-टॉकी संभालने में भी शामिल थी और आरोपियों के बीच संचार व्यवस्था को सुचारु करने का काम कर रही थी। एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उसने मुख्य आरोपी सलमान खान को पनाह दी और उसके लिए यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था कर उसे दुबई भगाने में मदद की। बाद में सलमान खान को रवांडा गणराज्य से भारत लाया गया।
दूसरे आरोपी चान पाशा ए, जो बेंगलुरु सिटी के सिटी आर्म्ड रिजर्व-दक्षिण में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर तैनात थे, पर आरोप है कि उन्होंने सलमान खान से अवैध रूप से रिश्वत ली। इसके बदले में उन्होंने टी नसीर की एस्कॉर्ट ड्यूटी से संबंधित संवेदनशील जानकारियां साझा कीं, जिनसे वह पहले से संपर्क में थे।
तीसरे आरोपी डॉ. नागराज एस, जो परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल अस्पताल में मनोचिकित्सक के रूप में कार्यरत थे, पर आरोप है कि उन्होंने जेल के अंदर अवैध रूप से मोबाइल फोन तस्करी की और कैदियों को नकद में बेचा। इन्हीं मोबाइल फोनों में से एक टी. नसीर तक पहुंचा था, जिसका उपयोग उसने अपने सह-आरोपियों से संपर्क कर आतंकवादी साजिश को आगे बढ़ाने के लिए किया।
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में फरार आरोपियों की तलाश और जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।