बेंगलुरु: शराब पर आपत्ति जताने पर बेटी-पोते ने 70 वर्षीय माँ को क्रिकेट बल्ले से पीटकर मार डाला
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के केंगेरी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 70 वर्षीय जयम्मा की कथित तौर पर उनकी 49 वर्षीय बेटी भाग्यलक्ष्मी और 26 वर्षीय पोते कुशल ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, जयम्मा ने दोनों की शराब पीने की आदत पर आपत्ति जताई थी, जो इस हिंसा की वजह बनी। बेंगलुरु दक्षिण-पश्चिम डिवीजन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
मृतका जयम्मा मूल रूप से हसन जिले के हन्नीनाकेरे की निवासी थीं और अक्सर अपनी बेटी से मिलने सुभाष नगर, केंगेरी स्थित मोनिशा एन्क्लेव अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 107 आती थीं। शिकायतकर्ता निवासी धनंजय के अनुसार, पिछले कई महीनों से भाग्यलक्ष्मी और कुशल नियमित रूप से शराब पीते थे और अपार्टमेंट परिसर में हंगामा करते थे।
निवासियों की शिकायत के बाद कुशल को एक पुनर्वास केंद्र भेजा गया था, लेकिन वह कुछ सप्ताह पहले ही घर लौट आया था और कथित हंगामा फिर से शुरू हो गया था। जयम्मा पिछले कुछ दिनों से उसी फ्लैट में रह रही थीं।
हमले की रात: चीख-पुकार और क्रिकेट बल्ले का वार
शिकायत के अनुसार, 22 जून की रात निवासियों ने फ्लैट से तेज बहस और चीख-पुकार की आवाजें सुनीं। जयम्मा को कथित तौर पर मदद के लिए चिल्लाते हुए सुना गया। पड़ोसियों के बयान के अनुसार, भाग्यलक्ष्मी और कुशल ने 22 जून की सुबह 5 बजे से 8 बजे के बीच जयम्मा पर क्रिकेट बल्ले और लकड़ी के डंडे से हमला किया।
काम से लौटने पर शिकायतकर्ता धनंजय ने फ्लैट के बाहर पुलिसकर्मियों, निवासियों और रिश्तेदारों को इकट्ठा पाया। अंदर जाने पर जयम्मा हॉल में बाथरूम के पास पड़ी मिलीं।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
बेंगलुरु दक्षिण-पश्चिम डिवीजन पुलिस ने बताया कि अपार्टमेंट निवासी की शिकायत के आधार पर केंगेरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी — भाग्यलक्ष्मी (49) और कुशल (26) — को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पृष्ठभूमि: शराब और पारिवारिक हिंसा का गहरा संकट
यह घटना ऐसे समय में आई है जब शहरी अपार्टमेंट संस्कृति में पारिवारिक हिंसा और नशे की लत से जुड़ी घटनाएँ बढ़ती चिंता का विषय बन रही हैं। गौरतलब है कि कुशल को पहले ही पुनर्वास केंद्र भेजा जा चुका था, फिर भी वापस आने के बाद स्थिति नहीं सुधरी। आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुनर्वास के बाद की निगरानी और परिवार परामर्श तंत्र की घोर कमी है।
आगे की जाँच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की विस्तृत जाँच जारी है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।