30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भाद्रपद शुक्ल पंचमी पर गुरुवार को रवि योग में शुभ कार्य करना चाहिए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भाद्रपद शुक्ल पंचमी पर गुरुवार को रवि योग में शुभ कार्य करना चाहिए?

सारांश

भाद्रपद शुक्ल पंचमी का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन गुरुवार का शुभ योग है, जिसमें किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है। जानें इस दिन की पूजा विधि और महत्व।

मुख्य बातें

भाद्रपद शुक्ल पंचमी का दिन विशेष है।
रवि योग में कार्य करने से सफलता मिलती है।
भगवान विष्णु की पूजा का महत्व है।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को इस वर्ष गुरुवार का दिन है। इस दिन रवि योग भी उपस्थित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह एक शुभ योग है, जिसमें कोई भी कार्य करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

दृक पंचांग के अनुसार, इस दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से लेकर 12:48 बजे तक रहेगा, वहीं राहुकाल 1:58 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा।

ज्योतिष के अनुसार, रवि योग तब बनता है जब चंद्रमा का नक्षत्र सूर्य के नक्षत्र से चौथे, छठे, नौवें, दसवें या तेरहवें स्थान पर होता है। यह योग निवेश, यात्रा, शिक्षा और व्यवसाय जैसे कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल होता है। इस दिन किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

अग्नि पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने काशी में शिवलिंग की स्थापना की थी, जिससे गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। स्कंद पुराण में कहा गया है कि गुरुवार का व्रत धन, समृद्धि, संतान और सुख-शांति प्रदान करता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना और पीले फलफूलों का दान करना शुभ होता है।

गुरुवार का व्रत आरंभ करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें। भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें। केले के वृक्ष की जड़ में चने की दाल, गुड़ और मुनक्का चढ़ाएं। दीपक जलाकर भगवान बृहस्पति की कथा सुनें और आरती करें। आरती के बाद आचमन करें। इस दिन पीले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

मान्यता है कि केले के पत्ते में भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए इसकी पूजा विशेष फल देती है। भगवान विष्णु को हल्दी चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। गरीबों को अन्न और धन का दान करने से पुण्य मिलता है। यह व्रत शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से शुरू कर 16 गुरुवार तक रखा जा सकता है, फिर इसका उद्यापन किया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक समृद्धि का भी प्रतीक है। इस दिन की पूजा से न केवल व्यक्तिगत जीवन में, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने की संभावना होती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाद्रपद शुक्ल पंचमी पर क्या करें?
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले वस्त्र पहनें।
रवि योग का क्या महत्व है?
रवि योग में किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले