भागलपुर में PM अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत रोजगार मेला, 227 युवाओं का औपबंधिक चयन
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर के बरारी में 25 जून 2026 को प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत एक कौशल एवं रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की विभिन्न पंचायतों और नगर निकायों से आए 622 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। मेले में 227 युवाओं का निजी कंपनियों द्वारा रोजगार के लिए औपबंधिक चयन किया गया, जबकि 270 अभ्यर्थियों ने कौशल प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण कराया।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम का उद्घाटन भागलपुर प्रमंडल के उप निदेशक (नियोजन), जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी तथा यूको बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह मेला अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
भाग लेने वाली कंपनियाँ और चयन प्रक्रिया
रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की चार प्रमुख कंपनियों — एलआईसी, भारत फाइनेंशियल इन्क्लूसिव लिमिटेड, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और एसआईएस इंडिया लिमिटेड — ने अपने स्टॉल लगाए और अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की। साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया के उपरांत इन कंपनियों ने 227 अभ्यर्थियों का औपबंधिक चयन किया।
कौशल प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण
रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीआरसीसी, जीविका, जिला उद्योग केंद्र, सीआईपीईटी भागलपुर तथा यूको आरसेटी ने मिलकर 270 इच्छुक युवाओं का कौशल प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण किया। इस अवसर पर युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं और विभिन्न सरकारी कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
योजना का उद्देश्य और व्यापक संदर्भ
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय का सामाजिक-आर्थिक उत्थान करना, गरीबी में कमी लाना और शिक्षा एवं बुनियादी ढाँचे में सुधार के ज़रिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। गौरतलब है कि यह मेला ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब सरकार देशभर में वंचित वर्गों के लिए रोजगार-उन्मुख कार्यक्रमों को गति दे रही है।
आगे की राह
अधिकारियों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, जीविका के प्रतिनिधि, जिला नियोजनालय, डीआरसीसी तथा जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। आने वाले समय में इस तरह के और मेलों के आयोजन की संभावना जताई जा रही है।