राजस्थान के मुख्यमंत्री का बंगाल में भाजपा की जीत का आह्वान, महिला विधेयक पर विपक्ष को घेरा
सारांश
Key Takeaways
- भजन लाल शर्मा का भाजपा के समर्थन में एकजुटता का आह्वान।
- महिला सशक्तिकरण विधेयक पर विपक्ष की आलोचना।
- राजस्थान में डबल-इंजन सरकार के तहत तेजी से विकास।
- प्रवासी राजस्थानियों का योगदान महत्वपूर्ण।
जयपुर, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता के हावड़ा में शनिवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए पश्चिम बंगाल में निर्णायक जनादेश की आवश्यकता पर जोर दिया।
सभा में मुख्यमंत्री शर्मा ने लोगों से भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल को राजस्थान के समान प्रगति चाहिए, तो उसे उस शासन को हटाना होगा, जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार, कट-मनी और तुष्टीकरण की राजनीति से भरा हुआ बताया।
महिला सशक्तिकरण के लिए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों की इस कानून का विरोध करने की आलोचना की।
उन्होंने इस रवैये को संकीर्ण सोच का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस विधेयक का विफल होना महिलाओं का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं इसका कड़ा जवाब देंगी। महिलाओं को सशक्त बनाना आधुनिक भारत की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे जन धन योजना और उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए, उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का श्रेय दिया।
सीएम शर्मा ने राजस्थानी प्रवासियों के योगदान पर भी प्रकाश डाला, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सेवाओं में। उन्होंने बताया कि राजस्थान फाउंडेशन के माध्यम से हाल के वर्षों में २६ घरेलू और १४ अंतर्राष्ट्रीय चैप्टर स्थापित किए गए हैं। प्रवासी राजस्थानियों से उन्होंने उद्योग स्थापित कर राजस्थान में निवेश करने का आग्रह किया, ताकि उनकी जड़ों से एक मजबूत संबंध बना रहे।
विकास पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान तेजी से डबल-इंजन सरकार के तहत विकास कर रहा है।
उन्होंने 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट' के दौरान ३५ लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों का जिक्र किया, जिनमें से ९ लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने प्रमुख बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया, जैसे 'राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट' और 'यमुना जल समझौता'। इसके अलावा, किसानों को बिजली की आपूर्ति का विस्तार किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य २०२७ तक सभी जिलों तक पहुंचना है। सीएम शर्मा ने सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल में ऐसा विकास क्यों नहीं हो सका।
उन्होंने राज्य में डबल-इंजन सरकार स्थापित करने का आह्वान किया और विकास की गति तेज करने के लिए इसे अत्यंत आवश्यक बताया। इस कार्यक्रम में प्रवासी समुदाय ने भी पूरे उत्साह से भाग लिया और मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के दौरान जोरदार स्वागत किया।