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क्या भारत और स्पेन को आतंकवाद का मिलकर मुकाबला नहीं करना चाहिए? : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

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क्या भारत और स्पेन को आतंकवाद का मिलकर मुकाबला नहीं करना चाहिए? : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

सारांश

स्पेन के विदेश मंत्री से मुलाकात में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत और स्पेन के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच रिश्तों की गहराई और आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा की गई। क्या यह सहयोग वैश्विक शांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा?

मुख्य बातें

भारत और स्पेन के बीच आतंकवाद पर सहयोग की आवश्यकता।
70वीं वर्षगांठ का जश्न मनाना।
आर्थिक संबंधों का विस्तार।
इंजीनियरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग।
बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने का संकल्प।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और स्पेन को आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का सामना करने के लिए अपने संसाधनों और क्षमताओं को एकजुट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस खतरे का मुकाबला करने के प्रति एकमत हैं।

राष्ट्रपति भवन में अलबारेस का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जो व्यापार, संस्कृति और लोकतंत्र एवं बहुलवाद के साझा मूल्यों से समृद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारे राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ है जिसे ‘संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और व्यापार तथा निवेश का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं और रक्षा-अंतरिक्ष क्षेत्रों में स्पेन की क्षमताएं भारत की विकास प्राथमिकताओं को समर्थन देने में सहायक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक होने के नाते, भारत और स्पेन को संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना चाहिए ताकि विश्व भर में शांति, समृद्धि और स्थिरता के हमारे साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके।

राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत और स्पेन का एक साझा दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी स्वरूपों से मिलकर लड़ने के लिए हमें अपने संसाधनों और क्षमताओं को मिलाकर एकजुट रूप से प्रयास करना होगा।

द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और हम अपने 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा का प्रयास है। भारत की तेज़ी से बढ़ती भूमिका और स्पेन के साथ सहयोग, दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और स्पेन को आतंकवाद का मुकाबला क्यों करना चाहिए?
भारत और स्पेन को आतंकवाद का मुकाबला एकजुट होकर करना चाहिए क्योंकि यह एक वैश्विक समस्या है जो सभी देशों को प्रभावित करती है।
द्रौपदी मुर्मू ने क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और स्पेन को आतंकवाद के सभी रूपों का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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