क्या भारत बेल्जियम के लिए एक हाई टेक्नोलॉजी ड्रेजर बना रहा है: राजनाथ सिंह?
सारांश
Key Takeaways
- गोवा शिपयार्ड बेल्जियम के लिए हाई टेक्नोलॉजी ड्रेजर का निर्माण कर रहा है।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निरंतर मेहनत की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- भारत अब एक प्रोएक्टिव मेरीटाइम नेशन बन रहा है।
- गोवा शिपयार्ड ने तकनीक को अपनाते हुए स्वदेशी डिजाइन को मजबूत किया है।
- यह परियोजना भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया है कि भारत का गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, बेल्जियम के लिए एक अत्याधुनिक ड्रेजर का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हमें 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें निरंतर और अधिक मेहनत करनी होगी। यह समय अपनी उपलब्धियों पर संतुष्ट होकर बैठने का नहीं है। 'चरैवेति-चरैवेति' अर्थात निरंतर आगे बढ़ने का जो संकल्प है, उसे ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार शाम को गोवा पहुंचे, जहां वे 5 जनवरी को गोवा में तटरक्षक बल के बेड़े में स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत 'समुद्र प्रताप' को शामिल करेंगे। इससे पूर्व उन्होंने कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि सरकार पूरी तरह से आपके साथ खड़ी है। आपकी क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय हर संभव सहयोग देने को तत्पर है। आने वाले समय में हमें उस बदलते स्वरूप के अनुसार खुद को भी बदलना होगा। हमें स्टेट ऑफ द आर्ट उपकरणों से लैस शिप, एआई युक्त मेंटेनेंस और साइबर-सिक्योर प्लेटफार्म पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा, ताकि हम अपने शत्रुओं के मुकाबले बढ़त हासिल कर सकें। मुझे पूरा विश्वास है कि गोवा शिपयार्ड इस ट्रांसफॉर्मेशन में भी नेतृत्व दिखाएगा।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज एक प्रोएक्टिव मेरीटाइम नेशन बन रहा है। पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सहयोग और नियम आधारित व्यवस्था को स्थापित करने में, भारत की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में, भविष्य में गोवा शिपयार्ड जैसे संस्थानों को भारत की विश्वसनीयता को और भी बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर खुशी होती है कि गोवा शिपयार्ड ने इस बदलते समय के साथ खुद को ट्रांसफॉर्म किया है। आपने विश्वसनीयता विकसित की है। आपने तकनीक को अपनाया और स्वदेशी डिजाइन को मजबूत किया। आपके इन सभी प्रयासों का परिणाम यह निकला कि हम न केवल सही समय पर अपनी सशस्त्र सेनाओं को उपकरण उपलब्ध करा पाएं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी मजबूत कदम उठाने में सफल हुए।”
उन्होंने गोवा शिपयार्ड के लिए कहा कि आपका काम, यानी शिप बिल्डिंग, कोई आसान काम नहीं है। जब आप कोई शिप बनाते हैं, तो वह केवल स्टील, मशीनरी या तकनीक का एक मूर्त रूप नहीं होती, बल्कि यह विश्वास का प्रतीक होती है। वह विश्वास, जो देश का हर नागरिक आपके ऊपर करता है। इसके अलावा, आप उन अपेक्षाओं को भी पूरा करते हैं, जो हमारी सेनाएं आपसे रखती हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा, “मैं इस मंच से गोवा शिपयार्ड लिमिटेड को उनके समर्पण और मेहनत के लिए बधाई देता हूं। पिछले कुछ वर्षों में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में जो ख्याति अर्जित की है, वह आप सभी की मेहनत का परिणाम है।”