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क्या भारत-इजरायल के बीच एफटीए बातचीत से व्यापार में वृद्धि होगी?

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क्या भारत-इजरायल के बीच एफटीए बातचीत से व्यापार में वृद्धि होगी?

सारांश

भारत और इजरायल के बीच एफटीए वार्ता का आगाज़ हो चुका है। यह वार्ता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है। जानिए इस समझौते का क्या महत्व है और यह किस प्रकार से हमारी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

मुख्य बातें

भारत और इजरायल के बीच एफटीए पर बातचीत शुरू हुई।
सरकार का उद्देश्य व्यापार और अर्थव्यवस्था को बढ़ाना है।
टीओआर पर हस्ताक्षर करके वार्ता को मार्गदर्शन मिला।
साझा व्यापार में विविधता लाने का लक्ष्य।
बिजनेस एसोसिएशन और ट्रेड बॉडीज का सहयोग।

नई दिल्ली, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और इजरायल ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत का आगाज़ किया है, जिसका उद्देश्य देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साझा की।

गेंद्रीय मंत्री ने इजरायल के इकोनॉमी और इंडस्ट्री मंत्री निर बरकत के साथ तेल अवीव में टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों देशों के बीच एफटीए वार्ता को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

गोयल ने कहा कि यह एक संतुलित और आपसी मुनाफेवाला एफटीए के लिए पहला महत्वपूर्ण कदम है, जो हमारे व्यापार, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देगा।

उन्होंने आगे कहा, “हमारा साझा उद्देश्य आपसी व्यापार में विविधता लाना और उसे बढ़ाना है, साथ ही सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना है।”

गोयल ने बरकत के साथ इंडिया-इजरायल सीईओ फोरम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों देशों के सीईओ शामिल हुए।

उन्होंने बताया, “एफटीए वार्ता में एग्रीकल्चर, पानी, हेल्थकेयर, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकॉनमी, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक इनोवेशन के सेक्टर्स में तालमेल पर जोर दिया गया।”

गोयल ने कहा कि उन्होंने बरकत द्वारा आयोजित एक गाला में भी भाग लिया, जिसमें दोनों देशों के बड़े बिजनेस एसोसिएशन और ट्रेड बॉडीज एक साथ आए।

केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता से उत्साहित हूँ। इजरायल में इंडियन डायमंड मर्चेंट कम्युनिटी के प्रमुख सदस्यों से बातचीत की और जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और इजरायल के बीच एफटीए का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाना है।
एफटीए से कौन से सेक्टर्स प्रभावित होंगे?
एफटीए में एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, डिफेंस, और डिजिटल इकॉनमी जैसे सेक्टर्स शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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