क्या भारत ने सीएससी की एनएसए मीटिंग की मेज़बानी की, सदस्य देशों ने सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की?

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क्या भारत ने सीएससी की एनएसए मीटिंग की मेज़बानी की, सदस्य देशों ने सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की?

सारांश

भारत ने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन की एनएसए मीटिंग की मेज़बानी की, जिसमें सदस्य देशों ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया। इस बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा, और तकनीकी सुरक्षा शामिल थे।

मुख्य बातें

सीएससी की एनएसए मीटिंग का आयोजन भारत ने किया।
सदस्य देशों ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
बैठक में आतंकवाद , साइबर सुरक्षा और ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सेशेल्स ने सीएससी में पूर्ण सदस्यता की दिशा में कदम बढ़ाया।
बैठक में कई देशों के सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया।

नई दिल्ली, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नई दिल्ली में गुरुवार को कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन (सीएससी) की 7वीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का संचालन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया।

इस अवसर पर मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही, सेशेल्स ने पर्यवेक्षक देश के रूप में और मलेशिया ने अतिथि के रूप में भाग लिया।

बैठक के समापन के बाद, विदेश मंत्रालय द्वारा एक बयान जारी किया गया। इस बयान में कहा गया है कि सीएससी का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर निकट सहयोग को बढ़ावा देना और हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।

इसके अतिरिक्त, सीएससी के संस्थापक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर समारोह का आयोजन अगस्त 2024 में श्रीलंका में किया गया। एमईए के अनुसार, बैठक में सेक्रेटरी जनरल ने सीएससी के सदस्य देशों के समक्ष 7-8 दिसंबर 2023 को मॉरिशस में आयोजित 6वीं एनएसए स्तर की बैठक में लिए गए निर्णयों का पुनरावलोकन प्रस्तुत किया। यह सेक्रेटरी जनरल की नियुक्ति भारत द्वारा की गई थी।

इसके अलावा, अब तक कोऑपरेशन के पांच पिलर के अंतर्गत की गई गतिविधियों की समीक्षा की गई। इसमें मैरीटाइम सेफ्टी और सिक्योरिटी, काउंटरिंग टेररिज्म और रेडिकलाइजेशन, कॉम्बैटिंग ट्रैफिकिंग और ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, साइबर सिक्योरिटी और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा टेक्नोलॉजी का प्रोटेक्शन, और ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस और डिजास्टर रिलीफ शामिल हैं।

सीएससी के सदस्य देशों ने ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग सहित पहचाने गए पिलर्स के तहत सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने सीएससी के विजन और लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सीएससी सदस्यों ने सीएससी में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के निर्णय का स्वागत किया।

एमईए द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सदस्य देशों के डेलीगेशन में मालदीव से डीसी (रिटायर्ड), लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) इब्राहिम लतीफ, मॉरीशस के एनएसए राहुल रसगोत्रा, श्रीलंका के एयर वाइस मार्शल संपत थुयाकोंथा (रिटायर्ड), सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस और बांग्लादेश से डॉ. खलील-उर-रहमान शामिल थे।

इसके अलावा, सेशेल्स के डेलीगेशन का नेतृत्व मेजर जनरल माइकल रोसेट, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स डिफेंस ने किया। मलेशिया ने पहली बार अतिथि के रूप में भाग लिया और इसका प्रतिनिधित्व मलेशियाई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, बदरूल शाह मोहम्मद इदरीस ने किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि भारत ने सीएससी की एनएसए मीटिंग की मेज़बानी करके अपने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत किया है। यह बैठक सुरक्षा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और भविष्य में सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएससी की एनएसए मीटिंग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सीएससी की एनएसए मीटिंग का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा के महत्वपूर्ण मामलों पर सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस बैठक में कौन-कौन से देशों ने भाग लिया?
इस बैठक में मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका, बांग्लादेश, सेशेल्स और मलेशिया ने भाग लिया।
सीएससी का गठन कब हुआ था?
सीएससी का गठन सदस्य राज्यों के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
बैठक में किसने मेज़बानी की?
बैठक की मेज़बानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की।
बैठक में चर्चा किए गए मुद्दे क्या थे?
बैठक में आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और मानवतावादी सहायता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
राष्ट्र प्रेस